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अबकी गर्मी में नहीं रुलाएगी बिजली
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 21 Feb 2016 12:00 AM IST
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गर्मी के मौसम में जनपद में सुचारू रूप से विद्युत आपूर्ति के लिए ऊर्जा राज्यमंत्री वसीम अहमद के निर्देश पर उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेेशक विशाल चौहान द्वारा शनिवार को पारेषण कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने सर्किट हाउस में पत्र प्रतिनिधियों से बताया कि इस बार गर्मी में ज्यादा लोड के कारण आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि जनपद में बेहतर विद्युत व्यवस्था के लिए 400, 200, 132 और 33 केवी विद्युत उपकेंद्र पर 100 एमवीए और 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाकर क्षमता वृद्घि कर दी गई है। इसके कारण गर्मी में ट्रांसफार्मर की अतिभारिता के कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, 132/33 केवी उपकेंद्र सिधारी की भी क्षमता वृदि्ध की गई है।
इसके साथ ही 132 उपकेंद्र सिधारी जो अभी तक 220/132 केवी उपकेंद्र हाफिजपुर से एक पारेषण लाइन द्वारा जुड़ा था, उसको एक अतिरिक्त लाइन बनाकर अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत उपलब्ध करा दिया गया है।
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इसी क्रम में, पारेषण कार्य समिति ने 400/220 केवी उपकेंद्र हाफिजपुर की जिसकी क्षमता 315-315 एमवीए से बढ़ाकर 315-500 एमवीए करने की स्वीकृति दे दी गई है।
इस ट्रांसफार्मर को लगाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जनपद को बेहतर विद्युत व्यवस्था देने के लिए चार नए पारेषण केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है।
इसमें 220/132 केवी का उपकेंद्र बड़गहन में बन रहा है, जो अक्टूबर तक पूरा होगा। 132/33 केवी उपकेंद्र रानी की सराय को जून तक पूरा करना है लेकिन हम इसे मई माह में पूरा करने की कोशिश करेंगे। 132/33 केवी उपकेंद्र मुबारकपुर का निर्माण मार्च में पूूरा हो जाएगा।
वहीं, 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र का अंडाखोर का निर्माण शुरू हो चुका है। इसे हम अक्टूबर तक पूरा कर लेंगे। इसमें रानी की सराय और मुबारकपुर का उपकेंद्र तो मुख्यमंत्री की घोषणा में भी शामिल है।
सठियांव चीनी मिल शुरू होने से पूर्व ही हम इसकी लाइन को भी पूरा कर लेंगे। थोड़ा सा काम रेलवे ब्लाक का बचा हुआ है। जैसे ही परमीशन मिलती है हम उसको भी समय से पूरा कर लेंगे। प्रबंध निदेशक ने निर्माणाधीन उपकेंद्रों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने समय से और मानकानुसार कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया।
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उन्होंने बताया कि जनपद में बेहतर विद्युत व्यवस्था के लिए 400, 200, 132 और 33 केवी विद्युत उपकेंद्र पर 100 एमवीए और 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाकर क्षमता वृद्घि कर दी गई है। इसके कारण गर्मी में ट्रांसफार्मर की अतिभारिता के कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, 132/33 केवी उपकेंद्र सिधारी की भी क्षमता वृदि्ध की गई है।
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इसके साथ ही 132 उपकेंद्र सिधारी जो अभी तक 220/132 केवी उपकेंद्र हाफिजपुर से एक पारेषण लाइन द्वारा जुड़ा था, उसको एक अतिरिक्त लाइन बनाकर अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत उपलब्ध करा दिया गया है।
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इसी क्रम में, पारेषण कार्य समिति ने 400/220 केवी उपकेंद्र हाफिजपुर की जिसकी क्षमता 315-315 एमवीए से बढ़ाकर 315-500 एमवीए करने की स्वीकृति दे दी गई है।
इस ट्रांसफार्मर को लगाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जनपद को बेहतर विद्युत व्यवस्था देने के लिए चार नए पारेषण केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है।
इसमें 220/132 केवी का उपकेंद्र बड़गहन में बन रहा है, जो अक्टूबर तक पूरा होगा। 132/33 केवी उपकेंद्र रानी की सराय को जून तक पूरा करना है लेकिन हम इसे मई माह में पूरा करने की कोशिश करेंगे। 132/33 केवी उपकेंद्र मुबारकपुर का निर्माण मार्च में पूूरा हो जाएगा।
वहीं, 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र का अंडाखोर का निर्माण शुरू हो चुका है। इसे हम अक्टूबर तक पूरा कर लेंगे। इसमें रानी की सराय और मुबारकपुर का उपकेंद्र तो मुख्यमंत्री की घोषणा में भी शामिल है।
सठियांव चीनी मिल शुरू होने से पूर्व ही हम इसकी लाइन को भी पूरा कर लेंगे। थोड़ा सा काम रेलवे ब्लाक का बचा हुआ है। जैसे ही परमीशन मिलती है हम उसको भी समय से पूरा कर लेंगे। प्रबंध निदेशक ने निर्माणाधीन उपकेंद्रों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने समय से और मानकानुसार कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया।