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आंदोलन की तैयारी में जुटे चिकित्सक

Sun, 28 Nov 2021 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 28 Nov 2021 11:30 PM IST
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Doctors preparing for the movement
आजमगढ़। निजी अस्पतालों के लिए जनवरी 2022 से क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन एक्ट लागू होने जा रहा है। इसके लागू होने से छोटे हॉस्पिटल और क्लीनिक बंद हो जाएंगे। लोगों को कारपोरेट हॉस्पिटल में महंगा इलाज कराना पड़ेगा। आईएमए, आजमगढ़ ने लागू किए जा रहे सीईए एक्ट के विरोध की व्यापक रणनीति तैयार कर ली है बस उसे शीर्ष नेतृत्व से हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
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यूपी में एक जनवरी 2022 से यानी रजिस्ट्रीकरण और विनियमन अधिनियम द क्लिनिक एस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन एक्ट 2010 लागू हो रहा है। इस एक्ट के लागू होने के बाद नए नियम के तहत क्लीनिक और हॉस्पिटल का पंजीकरण किया जाएगा। नियम और मानक इतने सख्त हैं कि छोटे क्लीनिक और हॉस्पिटल संचालित नहीं हो सकेंगे। बड़े हॉस्पिटल ही मानक पूरे कर सकेंगे। इससे छोटे हॉस्पिटल बंद हो जाएंगे और कारपोरेट हॉस्पिटल ही चलेंगे। जिसे देखते हुए आईएमए इसके खिलाफ जिले में व्यापक विरोध प्रदर्शन की तैयारी में है। उसे बस शीर्ष नेतृत्व से मिलने वाले इशारे का इंतजार है। आईएमए के चिकित्सकों का कहना है कि इसके लागू होने से चिकित्सा महंगी हो जाएगी। पूरी तरह से चिकित्सा व्यवस्था पर इंस्पेक्टर राज का कब्जा हो जाएगा। हम सारे नियम कानून मानने को तैयार है लेकिन नियमों में थोड़ी ढ़ील दी जाए। नहीं तो अगर यह एक्ट लागू हो गया तो बहुत से डाइग्नोस्टिक सेेंटर और नर्सिंग होम बंद हो जाएगा।
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इस एक्ट के लागू होने के बाद इलाज इतना महंगा हो जाएगा कि आम जन मानस को इलाज कराना भारी पड़ेगा क्योंकि वह कारपोरेट अस्पतालों का खर्च वहन नहीं कर सकेंगे। इसके लागू होने के बाद डाक्टरों के हाथ से सारी व्यवस्था डीएम के हाथ चली जाएगी और इंस्पेक्टर राज लागू हो जाएगा। इसे लेकर आईएमए हेडक्वार्टर से रणनीति बनाई जा रही है। जल्द ही हम इसके विरोध में उतरेंगे।
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डा. डीपी राय, अध्यक्ष आईएमए।
एक्ट के लागू होने से छोटे नर्सिंग होम, इायग्नोस्टिक सेंटर बंद हो जाएंगे। छोटे अस्पताल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगे। हम सारे नर्म और कंडीशन को फालो करने के लिए तैैयार है लेकिन नियमों में थोड़ी ढ़ील दी जाए। इस एक्ट के खिलाफ मैदान में उतरेंगे। इकसे तहत अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री सभी को पत्र भेजेंगे।
डा. खालिद, मंत्री आईएमए।
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