दो हत्यारोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त ईंट की गई बरामद
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एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि अहरौला थाने के इमामगढ़ (माहुल) गांव निवासी दाताराम यादव (55) माहुल पुलिस चौकी का चौकीदार था। पशु तस्करों के विरुद्ध वह मुहिम छेड़ रखा था। शुक्रवार की रात आठ बजे दाताराम की निशानदेही पर माहुल गांव में छापेमारी कर दो पशुओं बरामद किया गया था। दाताराम दोनों पशुओं को लेकर घर जा रहा था। रास्ते में अशरफिया स्कूल के पास माहुल गांव निवासी जाकिब पुत्र रफीक और इश्तखार पुत्र मुस्ताक ने ईंट से दाताराम को घायल कर दिया।
उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में ही दाताराम की मौत हो गई। दाताराम के बड़े बेटे वीर बहादुर यादव ने केस दर्ज कराया है। शनिवार की भोर में साढ़े पांच बजे दोनों कहीं भागने के फिराक में फूलपुर मार्ग पर स्थित पूरामाया तिराहे पर खड़े थे। यहीं से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों ने भी अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
मुहिम छेड़ना भारी पड़ गया ः चौकीदार दाताराम यादव को पशु तस्करों के विरुद्ध मुहिम छेड़ना न केवल भारी पड़ा बल्कि उसके बच्चे अनाथ हो गए। दो बच्चों के पिता दाताराम की पत्नी का करीब छह वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। ऐसे में दोनों बेटों का वहीं सहारा था। पुलिस की माने तो अहरौला सहित आसपास के क्षेत्रों में पुलिस पशु तस्करी से जुड़े जितने मामलों का खुलासा किया है, उसमें ज्यादातर घटनाओं का मुख्य सूत्रधार दाताराम ही था। यह बात पशु तस्करों को खल रही थी।