फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   The accused made dead in Azamgarh

मुर्दे को घायल दिखाकर बनाया आरोपी

Wed, 30 Mar 2016 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,आजमगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला,आजमगढ़ Updated Wed, 30 Mar 2016 11:51 PM IST
विज्ञापन
The accused made dead in Azamgarh
पु‌लिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस विभाग के प्रति आम जनमानस में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के लिए शासन स्तर से कई प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन सुधार कम ही दिख रहा है। जिले की मुबारकपुर पुलिस का कारनामा सुनकर तो एसपी भी चौंक गए। मारपीट के एक मामले में पुलिस ने एक दिन पहले ही मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं विवेचना में ऐसे व्यक्ति को घायल दिखाया है जो कि पांच साल पहले की स्वर्ग सिधार चुका है। मामले में बुधवार को एसपी ने थाने के पुलिसकर्मियों को रात में तलब किया। बोले कि जांच में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


मुबारकपुर थाने के मुस्तफाबाद गांव में 20 दिसंबर, 2015 को मारपीट हुई थी। मामले में एक पक्ष की स्व. प्रकाश विश्वकर्मा की पत्नी उर्मिला देवी बुधवार को एसपी के यहां पहुंची और बताया कि उक्त तिथि को गांव के मनबढ़ों ने घर में घुसकर मारपीट की। उसके साथ घर के तीन और लोग घायल हो गए। मामले में सीओ, अपर आयुक्त से भी शिकायत की गई लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज न किए जाने की बात कही। प्रार्थना पत्र को एसपी ने गंभीरता से लिया। एसओ मुबारकपुर से जवाब मांगा।
विज्ञापन


पता चला कि मामले में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। वह भी 19 दिसंबर, 2015 को ही। जबकि महिला के अनुसार घटना 20 दिसंबर की है। यह सुन एसपी चौंके। दीवान शिवकुमार तिवारी, विवेचक एचसीपी राममिलन को तलब किया। थाने में दर्ज एफआईआर का कागज देखा तो पता चला कि पुलिस उसी गांव के एक अन्य व्यक्ति साधु शरण की तहरीर पर मुकदमा दर्ज की है। जबकि महिला के अनुसार साधु का मारपीट से लेनादेना नहीं है। एफआईआर के मुताबिक साधू ने बताया कि मनबढ़ों ने उसके साथ उर्मिला के घरवालों को मारापीटा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले में घायलों में उर्मिला का नाम भी है। जबकि उर्मिला और उसके परिवार के लोगों का पुलिस ने मेडिकल भी नहीं कराया है। एसपी ने यह भी पाया कि दो अन्य घायलों में दया राम का नाम भी है, जिसे उर्मिला के पक्ष ने मारपीट कर घायल किया है। उर्मिला ने बताया कि दया की मौत तो पांच वर्ष पूर्व हो चुकी है। कार्यों में लापरवाही पर एसपी ने मौके पर मौजूद दोनों से जवाब मांगा तो उन्होंने मृतक का नाम जोड़ने के लिए विवेचक एसआई वीरेंद्र सिंह को दोषी ठहराया। इस पर एसपी और तल्ख हो गए।


उन्होंने रात को थाने के सभी स्टाफ को आवास पर तलब किया है। प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर संतलाल यादव ने बताया कि घटना उनके कार्यकाल से पहले की है। गलती से जिंदा व्यक्ति के स्थान पर मुर्दे का नाम दर्ज हो गया। उसे सुधार लिया गया। उर्मिला देवी कुछ जालसाज लोगों के चक्कर में पड़कर घटना 20 दिसंबर को होना बता रही है। जबकि घटना 19 दिसंबर की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed