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19.10 लाख के गबन में 22 पर मुकदमा
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 22 Jan 2015 12:15 AM IST
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मार्टिनगंज ब्लाक के करुवी गांव में इंदिरा और लोहिया आवास के लिए पूरा धन लेने के बावजूद निर्माण न करवाने वाले 22 लोगों के विरुद्ध मंगलवार को दीदारगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
मुकदमा लिखवाने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी ने 19.10 लाख रुपये के गोलमाल करने का आरोप लगाया है। पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है।
मार्टिनगंज ब्लाक पर तैनात ग्राम विकास अधिकारी मोतीलाल यादव के पास करुवी गांव का चार्ज है। उन्होंने बताया कि गांव के फूलचंद्र, चंद्रजीत, रमौता देवी, सूर्यबली, रामधारी, विजय, सोचन, रामपति, हरिश्चंद्र, सरोजा देवी, कमली, प्रसाद, कुंती, राजदेई, सुनीता और रामआसरे का चयन इंदिरा आवास के लिए किया गया था।
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आवास के लिए निर्धारित 70 हजार रुपये लेने के बाद भी इन लोगों ने भवन का निर्माण नहीं कराया। इस प्रकार इन लोगों ने 11.20 लाख रुपये का गोलमाल किया है। इसी तरह गांव के देवराज, मूरत राजपति, भंजन, सुरसती और रामअचल का चयन लोहिया आवास के लिए हुआ था।
1.30 लाख रुपये के हिसाब से सभी छहों लाभार्थियों को 7.80 लाख रुपये दिए गए। इन लोगों ने भी रुपये लेने के बावजूद आवास का निर्माण नहीं कराया। सरकारी धन के गोलमाल की शिकायत गांव वालों ने सीडीओ अनिल कुमार मिश्र से की। उन्होंने पीडी से पूरे प्रकरण की जांच कराई।
जांच में फर्जीवाड़ा उजागर होने पर ग्राम विकास अधिकारी मोतीलाल यादव ने दोषियों के विरुद्ध मंगलवार को दीदारगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मचा हुआ है। थानाध्यक्ष दीदारगंज शमीम अली सिद्दीकी ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच उपनिरीक्षक जगदंबा प्रसाद द्विवेदी को सौंपी गई है।
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मुकदमा लिखवाने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी ने 19.10 लाख रुपये के गोलमाल करने का आरोप लगाया है। पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है।
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मार्टिनगंज ब्लाक पर तैनात ग्राम विकास अधिकारी मोतीलाल यादव के पास करुवी गांव का चार्ज है। उन्होंने बताया कि गांव के फूलचंद्र, चंद्रजीत, रमौता देवी, सूर्यबली, रामधारी, विजय, सोचन, रामपति, हरिश्चंद्र, सरोजा देवी, कमली, प्रसाद, कुंती, राजदेई, सुनीता और रामआसरे का चयन इंदिरा आवास के लिए किया गया था।
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आवास के लिए निर्धारित 70 हजार रुपये लेने के बाद भी इन लोगों ने भवन का निर्माण नहीं कराया। इस प्रकार इन लोगों ने 11.20 लाख रुपये का गोलमाल किया है। इसी तरह गांव के देवराज, मूरत राजपति, भंजन, सुरसती और रामअचल का चयन लोहिया आवास के लिए हुआ था।
1.30 लाख रुपये के हिसाब से सभी छहों लाभार्थियों को 7.80 लाख रुपये दिए गए। इन लोगों ने भी रुपये लेने के बावजूद आवास का निर्माण नहीं कराया। सरकारी धन के गोलमाल की शिकायत गांव वालों ने सीडीओ अनिल कुमार मिश्र से की। उन्होंने पीडी से पूरे प्रकरण की जांच कराई।
जांच में फर्जीवाड़ा उजागर होने पर ग्राम विकास अधिकारी मोतीलाल यादव ने दोषियों के विरुद्ध मंगलवार को दीदारगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मचा हुआ है। थानाध्यक्ष दीदारगंज शमीम अली सिद्दीकी ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच उपनिरीक्षक जगदंबा प्रसाद द्विवेदी को सौंपी गई है।