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नहीं दी आख्या, कोर्ट को किया गुमराह
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:13 AM IST
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आजमगढ़। लालगंज तहसील क्षेत्र के अहिरौली गांव सभा के जिम्मेदार लोगों द्वारा गांव की सरकारी जमीन पर कब्जा करते हुए अवैध निर्माण करवा लिया। मामले में हाईकोर्ट ने जब तहसीलदार को तलब किया तो उन्होंने पहली बार तो कोर्ट को भी गुमराह कर दिया, लेकिन सख्ती के बाद दोबारा एक जगह का अवैध निर्माण हटवाकर वीडियोग्राफी करवाया और दूसरे भाग पर कब्जा करवा दिया। हाईकोर्ट के आदेश पर बेदखली की भी कार्रवाई फाइलों में दबा दी गई है।
शिकायतकर्ता पंकज राय अहिरौली गांव के निवासी हैं। पंकज के मुताबिक ग्राम सभा के खाते की जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। जिस समय कब्जा किया जा रहा था। उस समय तहसील में शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 19 जनवरी और 12 फरवरी को डीएम और 21 फरवरी को मंडलायुक्त से शिकायत की गई। दोनों अधिकारियों ने आख्या मांगी, पर लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार मामले को दबाकर बैठ गए। 16 मई को पंकज ने हाईकोर्ट में अपील की जिसपर 21 मई को कोर्ट ने तहसीलदार को तलब किया। कोर्ट में तहसीलदार ने कोर्ट को गुमराह किया। इस पर 11 अगस्त को पंकज ने पुन: हाईकोर्ट में गुहार लगाई तो 17 अगस्त को कोर्ट ने तहसीलदार को तलब करते हुए अवैध कब्जा हटवाने का वीडियो मांगा। ऐसे में तहसीलदार ने एक स्थान का चबूतरा हटवाकर उसका वीडियोग्राफी कराकर कोर्ट में पेश की, जबकि दूसरे स्थान पर कब्जा करवा दिया। हाईकोर्ट ने तहसीलदार को फटकार लगाते हुए 115 सी की कार्रवाई कर अवैध कब्जा हटवाने का निर्देश दिया। जिस पर लेखपाल और कानूनगो के जरिए 115 सी तो लगवा दिया, लेकिन मामला फाइलों में दब गया है। इस बारे में एसडीएम लालगंज प्रियंका प्रियदर्शी ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, यदि ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा किया गया है तो इसकी जांच करवाकर जमीन को जल्द से जल्द खाली करा दी जाएगी।
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शिकायतकर्ता पंकज राय अहिरौली गांव के निवासी हैं। पंकज के मुताबिक ग्राम सभा के खाते की जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। जिस समय कब्जा किया जा रहा था। उस समय तहसील में शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 19 जनवरी और 12 फरवरी को डीएम और 21 फरवरी को मंडलायुक्त से शिकायत की गई। दोनों अधिकारियों ने आख्या मांगी, पर लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार मामले को दबाकर बैठ गए। 16 मई को पंकज ने हाईकोर्ट में अपील की जिसपर 21 मई को कोर्ट ने तहसीलदार को तलब किया। कोर्ट में तहसीलदार ने कोर्ट को गुमराह किया। इस पर 11 अगस्त को पंकज ने पुन: हाईकोर्ट में गुहार लगाई तो 17 अगस्त को कोर्ट ने तहसीलदार को तलब करते हुए अवैध कब्जा हटवाने का वीडियो मांगा। ऐसे में तहसीलदार ने एक स्थान का चबूतरा हटवाकर उसका वीडियोग्राफी कराकर कोर्ट में पेश की, जबकि दूसरे स्थान पर कब्जा करवा दिया। हाईकोर्ट ने तहसीलदार को फटकार लगाते हुए 115 सी की कार्रवाई कर अवैध कब्जा हटवाने का निर्देश दिया। जिस पर लेखपाल और कानूनगो के जरिए 115 सी तो लगवा दिया, लेकिन मामला फाइलों में दब गया है। इस बारे में एसडीएम लालगंज प्रियंका प्रियदर्शी ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, यदि ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा किया गया है तो इसकी जांच करवाकर जमीन को जल्द से जल्द खाली करा दी जाएगी।
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