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अपने बैरक में भोजन बना रहे थे बंदी
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आजमगढ़। तमाम प्रयास के बावजूद जेल की दुर्व्यवस्था और वीवीआईपी कल्चर में सुधार होने का नाम नहीं ले रहा। आलम यह है कि अब भी कई बंदी अपने बैरक में ही अलग से भोजन बनवा रहे हैं। विद्युत तार को ढीला कर अलग से कनेक्शन लिया गया है जिससे मोबाइल रिचार्ज किया जाता है। शुक्रवार को जिला जज सर्वेश कुमार के नेतृत्व में निरीक्षण करने पहुंचे डीएम शिवाकांत द्विवेदी और एसपी त्रिवेणी सिंह ने खामियां मिलने पर जेल के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इस पर रोक लगाने का निर्देश दिया।
नवागत जिला जज सर्वेश कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार की दोपहर डीएम और एसपी की संयुक्त टीम जेल पहुंची। बंदियों से मिलकर उनकी परेशानियां जानीं। वहीं सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान बैरकों में अत्यधिक प्लास्टिक की थैली, झोला आदि लटका हुआ मिला। प्लास्टिक की थैली पर रोक के बावजूद जेल में इतनी बड़ी संख्या में थैली मिलने पर अधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त किया। तलाशी के दौरान पाया गया कि एक बैरक में कुछ बंदियों के लिए अलग से भोजन बनाने की व्यवस्था की गई थी जो नियम विरुद्ध है। इसके अलावा बैरकों में विद्युत तार को इस कदर लूज किया गया था कि कोई भी इसे आसानी से पकड़ सके। तार भी कई जगह कटे मिले। इससे अनुमान लगाया गया कि बंदी इसका प्रयोग अपनी मोबाइल आदि के रिचार्ज के लिए करते हैं। हालांकि कहीं से मोबाइल नहीं मिला। करीब एक घंटे तक जेल का निरीक्षण करने के बाद सभी अधिकारी बाहर निकल आए। वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा ने बताया कि तलाशी के दौरान कोई भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। कुछ बंदी अपने बैरक में टमाटर, प्याज, ककड़ी, खीरा आदि खाने के लिए रखे हुए थे। नियम से किसी को खिलवाड़ न करने की चेतावनी दी गई है।
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नवागत जिला जज सर्वेश कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार की दोपहर डीएम और एसपी की संयुक्त टीम जेल पहुंची। बंदियों से मिलकर उनकी परेशानियां जानीं। वहीं सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान बैरकों में अत्यधिक प्लास्टिक की थैली, झोला आदि लटका हुआ मिला। प्लास्टिक की थैली पर रोक के बावजूद जेल में इतनी बड़ी संख्या में थैली मिलने पर अधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त किया। तलाशी के दौरान पाया गया कि एक बैरक में कुछ बंदियों के लिए अलग से भोजन बनाने की व्यवस्था की गई थी जो नियम विरुद्ध है। इसके अलावा बैरकों में विद्युत तार को इस कदर लूज किया गया था कि कोई भी इसे आसानी से पकड़ सके। तार भी कई जगह कटे मिले। इससे अनुमान लगाया गया कि बंदी इसका प्रयोग अपनी मोबाइल आदि के रिचार्ज के लिए करते हैं। हालांकि कहीं से मोबाइल नहीं मिला। करीब एक घंटे तक जेल का निरीक्षण करने के बाद सभी अधिकारी बाहर निकल आए। वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा ने बताया कि तलाशी के दौरान कोई भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। कुछ बंदी अपने बैरक में टमाटर, प्याज, ककड़ी, खीरा आदि खाने के लिए रखे हुए थे। नियम से किसी को खिलवाड़ न करने की चेतावनी दी गई है।
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