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पुरानी जेल परिसर में चोरों ने लगाई सेंध
Updated Mon, 01 Jan 2018 11:33 PM IST
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आजमगढ़। शहर में स्थित पुरानी जेल परिसर में चोरों ने सेंध काट दी है और पुलिस और प्रशासनिक अमले को अब तक इसकी भनक भी नहीं लगी है। जेल के अंदर स्थित बैरकों के दरवाजे और खिड़कियां धीरे-धीरे कर गायब हो रहे हैं। चोरों ने लोहे और लकड़ियों के दरवाजों के बाद अब ईंटों को भी गायब करना शुरू कर दिया है।
चंडेश्वर इटौरा में नए जेल परिसर में कैदियों के साथ ही जेल प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी नए परिसर में स्थानांतरित हो गए है। लगभग दो साल से पुराना जेल परिसर खाली पड़ा है और मुख्य गेट में जेल प्रशासन ने ताला बंद कर रखा है। जेल की चहारदीवारी के बाहर स्थित बंदी रक्षकों के आवास भी खाली है, जो वर्तमान में काफी जर्जर हो चुके है और इनके खिड़की दरवाजे भी गायब है। इन्हीं खाली पड़े बंदी रक्षकों के आवासों के अंदर से चोरों ने सेंधमारी की है। बंद और खाली पड़े जेल से चोर धीरे-धीरे कर बैरकों में लगे लोहे और लकड़ियों के दरवाजे-खिड़कियों को गायब करना शुरू कर दिया है। यह खेल बीते डेढ़-दो माह से चल रहा है, लेकिन प्रशासनिक अमले को अब तक इसकी भनक नहीं लगी है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि पुराना जेल परिसर शहर कोतवाली और पुलिस अधीक्षक आफिस के बीच में स्थित है।
ऐसा नहीं है कि जेल प्रशासन को अपनी जमीन की सुरक्षा का एहसास नहीं है। अभी कुछ दिन पूर्व ही पुराने जेल का निरीक्षण किया था तो दो चोर अंदर पकड़े गए थे। इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराया गया। पुराने जेल परिसर की सुरक्षा को लेकर पुलिस अधीक्षक के साथ ही जेल मुख्यालय को भी पत्र लिखा जाएगा। पुराने जेल परिसर में चोरी न होने पाए इसका पूरा इंतेजाम किया जा रहा है।
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अनिल गौतम, जेल अधीक्षक
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चंडेश्वर इटौरा में नए जेल परिसर में कैदियों के साथ ही जेल प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी नए परिसर में स्थानांतरित हो गए है। लगभग दो साल से पुराना जेल परिसर खाली पड़ा है और मुख्य गेट में जेल प्रशासन ने ताला बंद कर रखा है। जेल की चहारदीवारी के बाहर स्थित बंदी रक्षकों के आवास भी खाली है, जो वर्तमान में काफी जर्जर हो चुके है और इनके खिड़की दरवाजे भी गायब है। इन्हीं खाली पड़े बंदी रक्षकों के आवासों के अंदर से चोरों ने सेंधमारी की है। बंद और खाली पड़े जेल से चोर धीरे-धीरे कर बैरकों में लगे लोहे और लकड़ियों के दरवाजे-खिड़कियों को गायब करना शुरू कर दिया है। यह खेल बीते डेढ़-दो माह से चल रहा है, लेकिन प्रशासनिक अमले को अब तक इसकी भनक नहीं लगी है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि पुराना जेल परिसर शहर कोतवाली और पुलिस अधीक्षक आफिस के बीच में स्थित है।
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ऐसा नहीं है कि जेल प्रशासन को अपनी जमीन की सुरक्षा का एहसास नहीं है। अभी कुछ दिन पूर्व ही पुराने जेल का निरीक्षण किया था तो दो चोर अंदर पकड़े गए थे। इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराया गया। पुराने जेल परिसर की सुरक्षा को लेकर पुलिस अधीक्षक के साथ ही जेल मुख्यालय को भी पत्र लिखा जाएगा। पुराने जेल परिसर में चोरी न होने पाए इसका पूरा इंतेजाम किया जा रहा है।
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अनिल गौतम, जेल अधीक्षक