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दरोगा को नहीं पिलाई शराब तो किया चालान
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आजमगढ़। सरायमीर थाना क्षेत्र के भरौली गांव निवासी जिला पंचायत सदस्य शिवकुमार यादव मंगलवार को डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र से मिलकर सरायमीर थाने पर तैनात दरोगा को शराब नहीं पिलाने पर उनके स्कार्पियो का चालान काटने, और थाने लेकर जाने की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि 50 हजार रुपये की रिश्वत दूसरे दिन पहुंचाने की शर्त पर उन्हें छोड़ा।
जिला पंचायत सदस्य शिवकुमार यादव के मुताबिक उसका सरायमीर थाने के खरेवा मोड़ के पास दुकान है। जिसे क्षेत्र के एक व्यक्ति से बैनामा लिया है। खरेवा का रहने वाला एक व्यक्ति उसके विरुद्ध एसडीएम सदर के यहां वाद दाखिल किया। फैसला 29 फरवरी को हमारे पक्ष में आया। इसके बाद वह दुकान का मरम्मत करवाने लगा। इसी बीच विपक्षी हाईकोर्ट से स्टे लेकर आए तो निर्माण कार्य रोक दिया गया। सात मार्च की रात करीब दस बजे वह अपने दुकान के पास खड़ा था। तभी सरायमीर थाने पर तैनात एक दरोगा अपनी सरकारी जीप से पहुंचे। वह नशे में धुत थे और एक बोतल शराब मंगाने को कहा। मेरे इंकार करने पर दरोगा जबरन अपनी गाड़ी में उसे बैठा लिए। साथ ही उसकी स्कार्पियो लेकर सरायमीर थाने पहुंचे और पांच सौ रुपये गाड़ी का चालान काट दिया। इस दौरान थाने पर लोगों की भीड़ जुट गई। काफी मानमनौव्वल के बाद दरोगा 50 हजार रुपये की रिश्वत लेकर छोड़ने को कहा। रुपये दूसरे दिन आठ मार्च को पहुंचाने थे। तभी से भय के चलते शिवकुमार अपने घर न जाकर इधर-उधर रह रहा है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक सरायमीर शेरसिंह तोमर ने बताया कि शिवकुमार द्वारा हमारे थाने के दरोगा पर लगाए गए सारे आरोप गलत हैं।
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जिला पंचायत सदस्य शिवकुमार यादव के मुताबिक उसका सरायमीर थाने के खरेवा मोड़ के पास दुकान है। जिसे क्षेत्र के एक व्यक्ति से बैनामा लिया है। खरेवा का रहने वाला एक व्यक्ति उसके विरुद्ध एसडीएम सदर के यहां वाद दाखिल किया। फैसला 29 फरवरी को हमारे पक्ष में आया। इसके बाद वह दुकान का मरम्मत करवाने लगा। इसी बीच विपक्षी हाईकोर्ट से स्टे लेकर आए तो निर्माण कार्य रोक दिया गया। सात मार्च की रात करीब दस बजे वह अपने दुकान के पास खड़ा था। तभी सरायमीर थाने पर तैनात एक दरोगा अपनी सरकारी जीप से पहुंचे। वह नशे में धुत थे और एक बोतल शराब मंगाने को कहा। मेरे इंकार करने पर दरोगा जबरन अपनी गाड़ी में उसे बैठा लिए। साथ ही उसकी स्कार्पियो लेकर सरायमीर थाने पहुंचे और पांच सौ रुपये गाड़ी का चालान काट दिया। इस दौरान थाने पर लोगों की भीड़ जुट गई। काफी मानमनौव्वल के बाद दरोगा 50 हजार रुपये की रिश्वत लेकर छोड़ने को कहा। रुपये दूसरे दिन आठ मार्च को पहुंचाने थे। तभी से भय के चलते शिवकुमार अपने घर न जाकर इधर-उधर रह रहा है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक सरायमीर शेरसिंह तोमर ने बताया कि शिवकुमार द्वारा हमारे थाने के दरोगा पर लगाए गए सारे आरोप गलत हैं।
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