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नौकरी के नाम पर 18.20 लाख की ठगी
Updated Sat, 10 Mar 2018 11:44 PM IST
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पवई। सचिवालय में लिपिक की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगों ने एक व्यक्ति से कई किस्तों में 18.20 लाख रुपये लेकर ठग लिया। रुपये के बदले में उसे फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। वह जब नौकरी करने के लिए सचिवालय पहुंचा तो उसे ठगी की जानकारी हुई। तभी से पीड़ित लगातार थाने पर रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दे रहा, लेकिन पुलिस आजकल कहकर टरका रही है।
पीड़ित राकेश सिंह पुत्र स्व. जगदंबा पवई थाना क्षेत्र के हडिय़ा गांव के निवासी हैं। राकेश सिंह ने बताया कि अंबेडकरनगर के चैतपुर थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति उससे वर्ष 2015 में मिला था। उसने कहा कि उसके एक रिश्तेदार सांसद और मंत्री हैं। खुद को भाजपा का पदाधिकारी बताने वाले ने कहा कि सचिवालय में लिपिक की नौकरी उसे लगवा देगा। ठग के झांसे में आकर राकेश सिंह ने उसे अलग-अलग किस्तों में, अलग-अलग लोगों के खाते में 18.20 लाख रुपये जारी कर दिया। कुछ पैसे नगद तो कुछ खाते के माध्यम से दिए गए थे। जमीन बेच कर रुपये तो दे दिए, लेकिन नौकरी नहीं मिली। राकेश के थाने में शिकायत करने की बात कहने पर वह वर्ष 2016 के अंत में उसे सचिवालय में नौकरी का फर्जी लेटर थमा दिया। वह लेटर लेकर राकेश सिंह जब सचिवालय पहुंचा तो उसे ठगी का एहसास हुआ। ठगी का शिकार राकेश तभी से कार्रवाई के लिए इधर-उधर भटक रहा है। पर उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। शुक्रवार को राकेश ने पुन: पवई थाने में तहरीर दी, लेकिन थाना प्रभारी ने दूसरी तहरीर लिखवाकर लाने की बात कहकर उसे इस बार भी टरका दिया।
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पीड़ित राकेश सिंह पुत्र स्व. जगदंबा पवई थाना क्षेत्र के हडिय़ा गांव के निवासी हैं। राकेश सिंह ने बताया कि अंबेडकरनगर के चैतपुर थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति उससे वर्ष 2015 में मिला था। उसने कहा कि उसके एक रिश्तेदार सांसद और मंत्री हैं। खुद को भाजपा का पदाधिकारी बताने वाले ने कहा कि सचिवालय में लिपिक की नौकरी उसे लगवा देगा। ठग के झांसे में आकर राकेश सिंह ने उसे अलग-अलग किस्तों में, अलग-अलग लोगों के खाते में 18.20 लाख रुपये जारी कर दिया। कुछ पैसे नगद तो कुछ खाते के माध्यम से दिए गए थे। जमीन बेच कर रुपये तो दे दिए, लेकिन नौकरी नहीं मिली। राकेश के थाने में शिकायत करने की बात कहने पर वह वर्ष 2016 के अंत में उसे सचिवालय में नौकरी का फर्जी लेटर थमा दिया। वह लेटर लेकर राकेश सिंह जब सचिवालय पहुंचा तो उसे ठगी का एहसास हुआ। ठगी का शिकार राकेश तभी से कार्रवाई के लिए इधर-उधर भटक रहा है। पर उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। शुक्रवार को राकेश ने पुन: पवई थाने में तहरीर दी, लेकिन थाना प्रभारी ने दूसरी तहरीर लिखवाकर लाने की बात कहकर उसे इस बार भी टरका दिया।
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