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पुलिस कर्मियों में नहीं रहा अधिकारियों का डर
Updated Tue, 08 May 2018 12:12 AM IST
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आजमगढ़। पुलिस लाइन परिसर में सोमवार को डायल 100 बाइकों की रवानगी का कार्यक्रम आयोजित था। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीआईजी विजय भूषण थे। सारे लोग कार्यक्रम को सफल बनाने में मशगूल थे। लेकिन वहीं एक ऐसा भी पुलिस कर्मी था जिसे इन सबसे कोई मतलब नहीं था और वह शराब के नशे में धुत अपनी ही दुनिया में मस्त था।
कार्यक्रम स्थल से मात्र 50 मीटर की दूरी पर ही उक्त सिपाही शराब के नशे में टुन्न होकर जमीन पर लेटा हुआ था। एक व्यक्ति ने उसे जगाया और उससे बात करने लगा। बलिया जनपद के रहने वाले उक्त सिपाही ने पहले तो कुछ भी कहने से इंकार कर दिया लेकिन बाद में उसने बताया कि वह आल इंडिया पुलिस सर्विस का जवान है। वह नगर कोतवाली में तैनात है। उसकी ड्यूटी भिखारियों वाली जगह पर लगाई गई है। वह यहां पर स्वागत करने के लिए आया है। उसके इस रूप को देख वहां मौजूद हर कोई हतप्रभ था। इसके बाद उसने सबके कहने पर गाना भी सुनाया। पुलिस उपमहानिरीक्षक का कार्यक्रम और वहां मौजूद अनेक अधिकारियों की मौजूदगी में एक सिपाही की इस तरह की कारस्तानी इस बात को दर्शाती है कि पुलिस कर्मियों में अब अपने अधिकारियों का कोई डर नहीं रह गया है।
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कार्यक्रम स्थल से मात्र 50 मीटर की दूरी पर ही उक्त सिपाही शराब के नशे में टुन्न होकर जमीन पर लेटा हुआ था। एक व्यक्ति ने उसे जगाया और उससे बात करने लगा। बलिया जनपद के रहने वाले उक्त सिपाही ने पहले तो कुछ भी कहने से इंकार कर दिया लेकिन बाद में उसने बताया कि वह आल इंडिया पुलिस सर्विस का जवान है। वह नगर कोतवाली में तैनात है। उसकी ड्यूटी भिखारियों वाली जगह पर लगाई गई है। वह यहां पर स्वागत करने के लिए आया है। उसके इस रूप को देख वहां मौजूद हर कोई हतप्रभ था। इसके बाद उसने सबके कहने पर गाना भी सुनाया। पुलिस उपमहानिरीक्षक का कार्यक्रम और वहां मौजूद अनेक अधिकारियों की मौजूदगी में एक सिपाही की इस तरह की कारस्तानी इस बात को दर्शाती है कि पुलिस कर्मियों में अब अपने अधिकारियों का कोई डर नहीं रह गया है।
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