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मदरसा प्रबंधक ने जांच अधिकारी को पीटा
Updated Wed, 31 Jan 2018 11:52 PM IST
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आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के माहुल नगर पंचायत से सटे एक गांव में वर्षों से सिर्फ कागज में ही मदरसा चल रहा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के निर्देश पर दो दिन पूर्व सोमवार को वक्फ इंस्पेक्टर जांच करने पहुंचे। पोल खुलने से नाराज मदरसा प्रबंधक ने सरेआम इंस्पेक्टर को गाली देते हुए पीटने लगा। अधिकारी के साथ मौजूद अन्य कर्मचारी और गांव के लोगों ने बीच बचाव किया। घटना के संबंध में एसडीएम फूलपुर के यहां शिकायत की तो दवाब में कार्रवाई की बजाय एसडीएम ने समझौता करवा दिया। इसकी क्षेत्र में जोरों की चर्चा है।
अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को आसानी से शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से अहरौला थाना क्षेत्र के माहुल नगर पंचायत के पास स्थित एक गांव में वर्षों से मदरसा चलता है। इसमें 140 मुस्लिम बच्चों को शिक्षा दी जाती है। सरकारी योजना के तहत इस मदरसे में पढने वाले बच्चों को तमाम सुविधाएं और छात्रवृत्ति भी जारी की जाती है। इस मदरसे के जरिए प्रबंधक काफी दिनों से सरकारी धनराशि और नेताओं का निधि का बजट लिया जा रहा था, लेकिन अभी तक कोई यह नहीं देख पाया था कि यह मदरसा कहां और किस भवन में चल रहा है। इसकी जानकारी होने पर क्षेत्र के लोगों ने इस मदरसे का पता लगाने के लिए अधिकारियों के यहां शिकायत की। मामले की जांच जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को सौंपी गई। विभाग के एक इंस्पेक्टर दो दिन पूर्व सोमवार को अपनी टीम के साथ माहुल पहुंचे और मदरसे के विषय में आसपास के लोगों से पूछा। लोगों ने जब मदरसे के विषय में कुछ नहीं बताया तो उन्होंने मदरसा के प्रबंधक को फोन कर बुलाया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो मदरसा प्रबंधक पर क्षेत्र के एक दिग्गज राजनीतिज्ञ का हाथ होने की वजह से वह अधिकारी को ही गाली देते हुए मारने लगा। हालांकि वहां मौजूद अन्य कर्मचारी और गांव के लोगों ने बीच बचाव किया। घटना के संबंध में अधिकारी माहुल पुलिस चौकी में शिकायत करने पहुंचे। वहां मौजूद एसडीएम फूलपुर को सारी बात बताई। पहले तो एसडीएम ने कार्रवाई का चौकी प्रभारी को निर्देश दिया, लेकिन तभी किसी का फोन आने पर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। इसकी क्षेत्र में जोरों की चर्चा है।
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मदरसा प्रबंधक के वक्फ बोर्ड इंस्पेक्टर के साथ अभद्रता करने की मुझसे कोई शिकायत नहीं की गई थी। माहुल चौकी पर मेरी मौजूदगी में यह मामला सामने आया था। चौकी माहुल को शिकायत मिलने पर कार्रवाई का निर्देश देकर चला गया। आगे क्या हुआ, मुझे कुछ नहीं मालूम। लोगों का आरोप गलत है।
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- अनिल कुमार सिंह, एसडीएम, फूलपुर
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माहुल नगर पंचायत के पास मदरसा सिर्फ कागजों में ही चल रहा था। धरातल पर वहां कुछ भी नहीं मिला। मदरसे की मान्यता रद्द करने की रिपोर्ट भेजी जाएगी। वक्फ इंस्पेक्टर के साथ मारपीट नहीं, बल्कि कहासुनी हुई थी।
- साहित्य निकष सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को आसानी से शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से अहरौला थाना क्षेत्र के माहुल नगर पंचायत के पास स्थित एक गांव में वर्षों से मदरसा चलता है। इसमें 140 मुस्लिम बच्चों को शिक्षा दी जाती है। सरकारी योजना के तहत इस मदरसे में पढने वाले बच्चों को तमाम सुविधाएं और छात्रवृत्ति भी जारी की जाती है। इस मदरसे के जरिए प्रबंधक काफी दिनों से सरकारी धनराशि और नेताओं का निधि का बजट लिया जा रहा था, लेकिन अभी तक कोई यह नहीं देख पाया था कि यह मदरसा कहां और किस भवन में चल रहा है। इसकी जानकारी होने पर क्षेत्र के लोगों ने इस मदरसे का पता लगाने के लिए अधिकारियों के यहां शिकायत की। मामले की जांच जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को सौंपी गई। विभाग के एक इंस्पेक्टर दो दिन पूर्व सोमवार को अपनी टीम के साथ माहुल पहुंचे और मदरसे के विषय में आसपास के लोगों से पूछा। लोगों ने जब मदरसे के विषय में कुछ नहीं बताया तो उन्होंने मदरसा के प्रबंधक को फोन कर बुलाया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो मदरसा प्रबंधक पर क्षेत्र के एक दिग्गज राजनीतिज्ञ का हाथ होने की वजह से वह अधिकारी को ही गाली देते हुए मारने लगा। हालांकि वहां मौजूद अन्य कर्मचारी और गांव के लोगों ने बीच बचाव किया। घटना के संबंध में अधिकारी माहुल पुलिस चौकी में शिकायत करने पहुंचे। वहां मौजूद एसडीएम फूलपुर को सारी बात बताई। पहले तो एसडीएम ने कार्रवाई का चौकी प्रभारी को निर्देश दिया, लेकिन तभी किसी का फोन आने पर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। इसकी क्षेत्र में जोरों की चर्चा है।
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मदरसा प्रबंधक के वक्फ बोर्ड इंस्पेक्टर के साथ अभद्रता करने की मुझसे कोई शिकायत नहीं की गई थी। माहुल चौकी पर मेरी मौजूदगी में यह मामला सामने आया था। चौकी माहुल को शिकायत मिलने पर कार्रवाई का निर्देश देकर चला गया। आगे क्या हुआ, मुझे कुछ नहीं मालूम। लोगों का आरोप गलत है।
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- अनिल कुमार सिंह, एसडीएम, फूलपुर
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माहुल नगर पंचायत के पास मदरसा सिर्फ कागजों में ही चल रहा था। धरातल पर वहां कुछ भी नहीं मिला। मदरसे की मान्यता रद्द करने की रिपोर्ट भेजी जाएगी। वक्फ इंस्पेक्टर के साथ मारपीट नहीं, बल्कि कहासुनी हुई थी।
- साहित्य निकष सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी