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गबन के आरोपी फरार सेक्रेटरी ने किया सरेंडर
Updated Wed, 06 Jun 2018 12:16 AM IST
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आजमगढ़।
तरवां ब्लाक के भीटी गांव में विकास कार्यों में 2.36 लाख के गबन में आरोपी तत्कालीन सेक्रेटरी ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर जेल भेज दिया। मामले में आरोपी प्रधान को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका है। सेक्रेटरी पहले से निलंबित है और रिटायर भी हो चुका है।
तरवां ब्लाक के भीटी गांव में शिकायत हुई थी कि वर्तमान प्रधान लालजी कुशवाहा और सेक्रेटरी मिथलेश सिंह ने संपर्क मार्ग और बाहा खुदाई में लाखों का गबन किया गया। मामले में त्रिस्तरीय समिति का गठन कर जांच कराई गई ती। जांच में 2.36 लाख के गबन की पुष्टि हुई थी। जिलाधिकारी ने मामले में रिकवरी के साथ एफआईआर कराने के निर्देश दिए थे। दो सिंतबर 2017 को तरवां ताने में बीडीओ जितेंद्र कुमार की तहरीर पर प्रधान लालजी कुशवाहा, सेक्रेटरी मिथलेश सिंह और तकनीकी सहायक ओम प्रकाश पाठक के खिलाफ एफआईआर कराई गई थी। प्रधान को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सेक्रेटरी को मिथलेश सिंह को निलंबित कर उन्हें जहानागंज ब्लाक से अटैच कर दिया गया था। मामले की जांच एडीओ पंचायत मोहम्मदपुर को दी गई थी। बाद में जांच अधिकारी एडीओ पंचायत लालगंज को बना दिया गया। इस बीच सेक्रेटरी रिटायर भी हो गया। पुलिस उसे तलाश कर ही रही थी कि उसने सीजेएम अवधेश कुमार सिंह की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जमानत की अर्जी भी दी गई लेकिन इसे खारिज कर उसे जेल भेज दिया गया। अभी मामले में तकनीकी सहायक की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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तरवां ब्लाक के भीटी गांव में विकास कार्यों में 2.36 लाख के गबन में आरोपी तत्कालीन सेक्रेटरी ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर जेल भेज दिया। मामले में आरोपी प्रधान को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका है। सेक्रेटरी पहले से निलंबित है और रिटायर भी हो चुका है।
तरवां ब्लाक के भीटी गांव में शिकायत हुई थी कि वर्तमान प्रधान लालजी कुशवाहा और सेक्रेटरी मिथलेश सिंह ने संपर्क मार्ग और बाहा खुदाई में लाखों का गबन किया गया। मामले में त्रिस्तरीय समिति का गठन कर जांच कराई गई ती। जांच में 2.36 लाख के गबन की पुष्टि हुई थी। जिलाधिकारी ने मामले में रिकवरी के साथ एफआईआर कराने के निर्देश दिए थे। दो सिंतबर 2017 को तरवां ताने में बीडीओ जितेंद्र कुमार की तहरीर पर प्रधान लालजी कुशवाहा, सेक्रेटरी मिथलेश सिंह और तकनीकी सहायक ओम प्रकाश पाठक के खिलाफ एफआईआर कराई गई थी। प्रधान को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सेक्रेटरी को मिथलेश सिंह को निलंबित कर उन्हें जहानागंज ब्लाक से अटैच कर दिया गया था। मामले की जांच एडीओ पंचायत मोहम्मदपुर को दी गई थी। बाद में जांच अधिकारी एडीओ पंचायत लालगंज को बना दिया गया। इस बीच सेक्रेटरी रिटायर भी हो गया। पुलिस उसे तलाश कर ही रही थी कि उसने सीजेएम अवधेश कुमार सिंह की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जमानत की अर्जी भी दी गई लेकिन इसे खारिज कर उसे जेल भेज दिया गया। अभी मामले में तकनीकी सहायक की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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