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रोडवेज तिराहे पर भिड़े कर्मी व स्थानीय लोग
Updated Mon, 10 Dec 2018 12:48 AM IST
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आजमगढ़। रोडवेज प्रशासन द्वारा एक बार फिर सड़क से बसों का संचालन किया जा रहा है। जिसके चलते स्थानीय लोग आक्रोशित है। रविवार को जाम के झाम व प्रेशर हार्न को लेकर स्थानीय नागरिक व रोडवेज कर्मी आमने-सामने हो गए। मौके पर मौजूद आरएम बात बढ़ता देख निपटाने के बजाए खिसक लिए। आक्रोशित स्थानीय लोग एक बार फिर आंदोलन का मन बनाने लगे है। सपा शासन काल में रोडवेज परिसर के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हुआ था। तब से रोडवेज प्रशासन सड़क से ही अपनी बसों का संचालन कर रहा है। सड़क पर बसों के खड़ी होने से रास्ते पर जाम का झाम लगा रहता है तो वहीं प्रेशर हार्न के आवाज से स्थानीय निवासी परेशान हाल है। कुछ माह पूर्व स्थानीय लोगों व रोडवेज कर्मियों के बीच मारपीट तक हुई थी। इतना ही नहीं स्थानीय लोगों ने मौके पर धरना प्रदर्शन तक किया था। जिस पर जिला प्रशासन के हस्तक्षेप पर रोडवेज प्रशासन ने अपने बसों का संचालन परिसर से करना शुरू कर दिया। वर्तमान में रोडवेज प्रशासन पुन: मनमानी पर उतर आया है, जिसका नतीजा है कि एक बार फिर सड़क से रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। जिससे स्थानीय लोग आक्रोशित है। रविवार को किसी बात को लेकर रोडवेज कर्मी और स्थानीय लोग आमने-सामने आ गए। बात बढ़ी तो मौके पर मौजूद आरएम पीके तिवारी मामला शांत कराने के बजाए भाग खड़े हुए। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोडवेज प्रशासन व यातायात विभाग एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल अपना पल्ला झाड लिए है। हिन्द सेवा दल के बैनर तले एक बार फिर स्थानीय लोगों ने आंदोलन की रणनीति बनाना शुरू कर दी है। जिसके तहत धरना प्रदर्शन के साथ ही परिवहन मंत्री, जिला प्रशासन व रोडवेज प्रशासन की शवयात्रा निकालने का निर्णय लिया है।
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