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गैर जनपद स्थानांतरित हुए जिला जेल के दो दर्जन भर बंदी
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आजमगढ़। इटौरा स्थित जिला जेल में निरुद्ध 24 बंदियों का स्थानांतरण पश्चिम के जेलों में कर दिया गया है। जेल प्रशासन ने यह कवायद लोकसभा चुनाव को देखते हुए की है। जेल में हुए बवाल के बाद से इन बंदियों को अन्यत्र भेजे जाने की रणनीति बनाई जा रही थी।
जिला कारागार में वर्तमान में 11 सौ से अधिक बंदी है। जेल प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते कई बंदी तो जेल के अंदर से ही अपने आतंक के साम्राज्य चला रहे हैं। जेल में जैमर लग गया है, इसके बाद भी बंदी मोबाइल चल रहे हैं। इसकी पुष्टि अब तक छह दर्जन से अधिक मोबाइल बरामद होने से हुई है। इतनी भारी मात्रा में मोबाइल की बरामदगी के बाद जेल के अंदर से बाहर कॉल आने पर पूरी तरह से ब्रेक नहीं लग सका है। कुछ दिन पहले जेल में हुए बवाल के बाद से ही आजमगढ़ जेल में निरुद्ध कई बंदियों को अन्यत्र जेलों में भेजे जाने की चर्चा शुरू हो गई थी। कई बंदियों ने खुद ही स्थानांतरण की गुहार लगाई थी। लोकसभा चुनाव में जेल में बंद कैदियों के माध्यम से कुछ व्यवधान न पड़े इसे देखते हुए दर्जन भर से अधिक बंदियों को पश्चिम के हमीरपुर, बांदा, जालौन, चित्रकूट आदि जिलों में स्थानांतरित किया गया है। जेल प्रशासन यह तो स्वीकार कर रहा है कि करीब 20 से अधिक बंदी अन्यत्र स्थानांतरित हुए हैं, लेकिन इन कैदियों का नाम जेल प्रशासन उजागर नहीं कर रहा है। जेल प्रशासन का तो यहां तक कहना है कि अभी और कुछ बंदियों को दूसरी जगह भेजा जा सकता है।
दिन भर चर्चा में रही जेल में बवाल की अफवाह
आजमगढ़। जिला कारागार में बंदियों के बवाल की अफवाह भी मंगलवार को रही। अफवाह तो यहां तक फैल गई थी कि हंगामा के चलते जेल पर काफी संख्या में फोर्स के साथ ही डीआईजी ने डेरा डाल दिया है लेकिन जब मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे तो वहां सब कुछ शांत मिला। इस अफवाह के चलते जेल प्रशासन के साथ ही जिला प्रशासन में भी हड़कंप मच गया था। जेल प्रशासन जेल में किसी भी तरह के बवाल या हंगामा होने से इंकार किया।
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आजमगढ़ जेल में बंद दो दर्जन भर शातिर किस्म के बंदियों को गैर जनपदों मेें स्थानांतरित कर दिया गया है। बंदियों का नाम नहीं बताया जा सकता है। वहीं अभी कुछ और कैदियों को भी स्थानांतरित किये जाने की योजना है। - आर के मिश्रा, जेल अधीक्षक, जिला कारागार, आजमगढ़।
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जिला कारागार में वर्तमान में 11 सौ से अधिक बंदी है। जेल प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते कई बंदी तो जेल के अंदर से ही अपने आतंक के साम्राज्य चला रहे हैं। जेल में जैमर लग गया है, इसके बाद भी बंदी मोबाइल चल रहे हैं। इसकी पुष्टि अब तक छह दर्जन से अधिक मोबाइल बरामद होने से हुई है। इतनी भारी मात्रा में मोबाइल की बरामदगी के बाद जेल के अंदर से बाहर कॉल आने पर पूरी तरह से ब्रेक नहीं लग सका है। कुछ दिन पहले जेल में हुए बवाल के बाद से ही आजमगढ़ जेल में निरुद्ध कई बंदियों को अन्यत्र जेलों में भेजे जाने की चर्चा शुरू हो गई थी। कई बंदियों ने खुद ही स्थानांतरण की गुहार लगाई थी। लोकसभा चुनाव में जेल में बंद कैदियों के माध्यम से कुछ व्यवधान न पड़े इसे देखते हुए दर्जन भर से अधिक बंदियों को पश्चिम के हमीरपुर, बांदा, जालौन, चित्रकूट आदि जिलों में स्थानांतरित किया गया है। जेल प्रशासन यह तो स्वीकार कर रहा है कि करीब 20 से अधिक बंदी अन्यत्र स्थानांतरित हुए हैं, लेकिन इन कैदियों का नाम जेल प्रशासन उजागर नहीं कर रहा है। जेल प्रशासन का तो यहां तक कहना है कि अभी और कुछ बंदियों को दूसरी जगह भेजा जा सकता है।
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दिन भर चर्चा में रही जेल में बवाल की अफवाह
आजमगढ़। जिला कारागार में बंदियों के बवाल की अफवाह भी मंगलवार को रही। अफवाह तो यहां तक फैल गई थी कि हंगामा के चलते जेल पर काफी संख्या में फोर्स के साथ ही डीआईजी ने डेरा डाल दिया है लेकिन जब मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे तो वहां सब कुछ शांत मिला। इस अफवाह के चलते जेल प्रशासन के साथ ही जिला प्रशासन में भी हड़कंप मच गया था। जेल प्रशासन जेल में किसी भी तरह के बवाल या हंगामा होने से इंकार किया।
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आजमगढ़ जेल में बंद दो दर्जन भर शातिर किस्म के बंदियों को गैर जनपदों मेें स्थानांतरित कर दिया गया है। बंदियों का नाम नहीं बताया जा सकता है। वहीं अभी कुछ और कैदियों को भी स्थानांतरित किये जाने की योजना है। - आर के मिश्रा, जेल अधीक्षक, जिला कारागार, आजमगढ़।