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ड्रोन की निगहबानी में संपन्न हुई मतगणना
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आजमगढ़। लोकसभा उपचुनाव की मतगणना ड्रोन की निगहबानी में रविवार की सुबह आठ बजे से एफसीआई गोदाम पर शुरू हुई। आयोग के निर्देशानुसार मतगणना केंद्र पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा की मुख्य कमान पैरामिलिट्री फोर्स के हाथ थी। वहीं, मतगणना केंद्र के बाहर सिविल पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने में जुटी हुई थी। आलाधिकारी हर हालत पर नजर रखे हुए थे और चक्रमण कर दिशा-निर्देश दे रहे थे।
सपा मुखिया अखिलेश यादव 2019 में आजमगढ़ सीट से सांसद चुने गए थे। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने करहल सीट से जीत दर्ज की और विधानसभा में पार्टी को मजबूती देने के उद्देश्य से उन्होंने आजमगढ़ सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया। परिणाम स्वरूप उपचुनाव हुआ। 23 जून को मतदान के बाद रविवार को सुबह आठ बजे से एफसीआई गोदाम पर मतगणना शुरू हुई। मतगणना शुरू होने के पहले ही निष्पक्ष मतगणना को लेकर पुलिस प्रशासन ने आयोग के निर्देशों के अनुरूप त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया था। ड्रोन से पूरे मतगणना स्थल की निगहबानी की जा रही थी तो वहीं पैरामिलिट्री फोर्स के साथ ही पीएसी व सिविल फोर्स की भी ड्यूटी लगाई गई थी। एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि मतगणना स्थल पर उन्हें ही प्रवेश दिया गया, जिन्हें मतगणना केंद्र में प्रवेश के लिए पास जारी हुआ था। पैरामिलिट्री फोर्स के अलावा सिविल पुलिस और पीएसी के जवानों को भी मुस्तैद किया गया था। अधिकारी भी लगातार चक्रमण कर व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। सादे वर्दी में भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी जरूरत के हिसाब से जगह-जगह लगाई गई थी।
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सपा मुखिया अखिलेश यादव 2019 में आजमगढ़ सीट से सांसद चुने गए थे। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने करहल सीट से जीत दर्ज की और विधानसभा में पार्टी को मजबूती देने के उद्देश्य से उन्होंने आजमगढ़ सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया। परिणाम स्वरूप उपचुनाव हुआ। 23 जून को मतदान के बाद रविवार को सुबह आठ बजे से एफसीआई गोदाम पर मतगणना शुरू हुई। मतगणना शुरू होने के पहले ही निष्पक्ष मतगणना को लेकर पुलिस प्रशासन ने आयोग के निर्देशों के अनुरूप त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया था। ड्रोन से पूरे मतगणना स्थल की निगहबानी की जा रही थी तो वहीं पैरामिलिट्री फोर्स के साथ ही पीएसी व सिविल फोर्स की भी ड्यूटी लगाई गई थी। एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि मतगणना स्थल पर उन्हें ही प्रवेश दिया गया, जिन्हें मतगणना केंद्र में प्रवेश के लिए पास जारी हुआ था। पैरामिलिट्री फोर्स के अलावा सिविल पुलिस और पीएसी के जवानों को भी मुस्तैद किया गया था। अधिकारी भी लगातार चक्रमण कर व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। सादे वर्दी में भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी जरूरत के हिसाब से जगह-जगह लगाई गई थी।
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