Azamgarh By Election: मुलायम परिवार से ही होगा सपा का उम्मीदवार, डिंपल और धर्मेंद कल कर सकते हैं नामांकन
आजमगढ़ लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में इस बार भी प्रत्याशी मुलायम परिवार से ही होगा। सोमवार को डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव के नामांकन करने की संभावना है।
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आजमगढ़ में अखिलेश यादव की छोड़ी गई सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। सपा ने अभी तक प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है लेकिन कई नामों पर चर्चा हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो फैसला हो चुका है और इस बार भी मुलायम परिवार से ही कोई प्रत्याशी होगा।
सोमवार को डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव के नामांकन करने की संभावना है। लोकसभा उपचुनाव में सपा प्रत्याशी को लेकर काफी दिनों से कयास लगाए जा रहे थे। कभी पूर्व राज्यसभा सांसद बलिहारी बाबू के पुत्र सुशील कुमार आनंद का नाम सामने आया तो कभी पूर्व सांसद और वर्तमान विधायक रमाकांत यादव का नाम प्रकाश में आया।
इन सबके बीच शीर्ष नेतृत्व द्वारा कोई भी घोषणा नहीं की गई। शीर्ष नेतृत्व इस सीट पर जीत हासिल करने के लिए मंथन करता रहा। इस मामले में पार्टी पदाधिकारी अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं लेकिन सूत्रों की मानें तो सुशील कुमार आनंद को लेकर पार्टी के कई नेताओं ने विरोध जता दिया था जिसके कारण उनका पत्ता कट गया।
इसके बाद पार्टी मुखिया की ओर से जिले के नेताओं को चुनाव लड़ने का आफर दिया गया लेकिन सभी नेताओं ने हाथ खड़े कर दिए। जिससे शीर्ष नेतृत्व डिंपल यादव या धर्मेंद्र यादव को यहां से चुनाव लड़ाने का मन चुका है। संभावना जताई जा रही है सोमवार को डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव दोनों नामांकन दाखिल कर सकते हैं। फिर नौ जून को होने वाली नाम वापसी में एक नामांकन वापस लेगा और एक चुनाव लड़ेगा। संभावना जताई जा रही है कि डिंपल यादव ही आजमगढ़ संसदीय सीट से सपा की उम्मीदवार होंगी।
अपना गढ़ बचाए रखना चाहती है सपा
आजमगढ़ की यह संसदीय सीट शुरू से ही सपा के हाथ में रही है। मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव भी इस सीट से सांसद रह चुके हैं। ऐसे में यह सीट सपा के लिए खास है। सपा इस सीट को किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहती है। जिसके चलते भी सपा इस सीट को लेकर मंथन में जुटी है कि कौन ऐसा है जो इस सीट पर जीत हासिल कर सकता है।
रमाकांत यादव को छोड़ जनपद का कोई सपा नेता नहीं जीता
सपा और बसपा के उदय के बाद यह सीट सपा और बसपा की झोली में ही झूलती रही है। सपा इस सीट पर पार्टी के क्षेत्रीय दिग्गज नेताओं बलराम यादव और दुर्गा प्रसाद यादव को भी मैदान में उतार चुकी है लेकिन दोनों ही जीत हासिल करने में नाकामयाब रहे। वहीं, रमाकांत यादव सपा के टिकट पर इस सीट से सांसद बन चुके हैं। इनके अलावा सपा के किसी क्षेत्रीय नेता को इस सीट पर जीत नहीं मिली है।