आजमगढ़। नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करते हुए कुछ लोग ने हिंसक प्रदर्शन किया। ऐसे में जुमे की नमाज को सकुशल संपन्न कराना पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। ऐसे में शुक्रवार को मस्जिदों में उमड़े नमाजियों से नमाज पढ़ाने के बाद शांति बनाए रखने की अपील की गई। इमाम ने कहा कि हमारा मजहब हमें हिंसा न करने की राह दिखाता है। पुलिस के इस पहल का असर रहा कि शाम तक कहीं से भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। अमन-चैन कायम रहा। पुलिस ऐहतियातन क्षेत्र में चक्रमण करती रही। शहर में जुमा शुक्रवार के दिन 11 प्रमुख स्थानों पर स्थिति मस्जिदों में नमाज पढ़ने वालों की भीड़ उमड़ती है। इसमें जामा मस्जिद, टेढ़िया मस्जिद, बाज बहादुर, दलाल घाट, जामेतुल रशाद आदि शामिल है। यहां पर नमाज पढने वालों की संख्या कभी-कभी इतनी बढ़ जाती है कि जगह नहीं मिलता। नागरिकता संशोधन कानून का विरोध की वजह से इस बार शुक्रवार को मस्जिदों में नमाजियों की अधिक भीड़ थी। ऐहतियातन नमाज के सभी प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा का व्यापक प्रबंध किया गया था। नमाज अदा होने के बाद इमामों ने सभी लोगों को धर्म का ज्ञान देते हुए अपील किया कि हमारा धर्म हिंसा के मार्ग को न अपनाने का संदेश देता है। ऐसे में आप लोग मर्यादा को ध्यान में रखते हुए शांति बनाए रखें। यहां से जाने के बाद कोई ऐसा भ्रम न फैलाएं जिससे लोगों में अशांति फैले। ऐसा करने वालों को ऊपर वाला भी माफ नहीं करेगा। नमाज के बाद शांति का संदेश मिलने पर सभी लोग शांति पूर्वक बाहर निकले और अदब के साथ अपने-अपने घर चले गए। इसी प्रकार का माहौल सरायमीर, बिलरियागंज, मोहम्मदपुर, मुबारकपुर, जीयनपुर आदि क्षेत्र के बड़ी मस्जिदों का भी रहा। एसपीसिटी पंकज पांडेय ने बताया कि जुमे की नमाज पूरे जिले में शांति पूर्वक संपन्न हो गया। ऐहतियातन पुलिस फोर्स लगाई गई थी।