बिलरियागंज। थाना क्षेत्र के महुवी शेरपुर गांव में शहीद विवेक का शव पहुंचते ही श्रद्धांजलि देने वालों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जब तक सूरज चांद रहेगा, विवेक तेरा नाम रहेगा के नारों से पूरा क्षेत्र ही गूंज उठा। इसके बाद शहीद की शव यात्रा गांव से मऊ जिले के दोहरीघाट स्थित श्मसान घाट के लिए रवाना हुआ, जहां सैनिक सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
बिलरियागंज के महुवी शेरपुर गांव निवासी 24 वर्षीय विवेकद तिवारी पुत्र हरिनरायन तिवारी लगभग दो साल पूर्व सेना में तैनात हुआ था। उसकी पहली तैनाती जम्मू कश्मीर में हुई थी। सात माह पूर्व ही उसे बांग्लादेश बार्डर पर भेजा गया। रविवार की रात सर्च आपरेशन के दौरान विवेक की घुसपैठियों से मुठभेड़ हो गई। जिसमें विवेक घुसपैठियों की गोली से शहीद हो गया। सोमवार की सुबह सूचना परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया। मंगलवार को शहीद का शव तिरंगे में लिपटा हुआ गांव पहुंचा तो परिजनों के साथ ही पूरे क्षेत्र गमगीन हो गया। अंतिम विदाई व श्रद्धांजलि देने को जनसैलाब उमड़ पड़ा था। शहीद की पत्नी, पिता, भाई व अन्य लोगों का तो रो-रो कर बुरा हाल था। पुलिस व प्रशासन की तरफ से एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ, सीओ महेंद्र कुमार शुक्ला, तहसीलदार मयंक मिश्रा ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दिया। इसके बाद गांव में ही पुलिस व सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी दी। फिर शहीद की शव यात्रा दोहरीघाट के लिए रवाना हुई। शवयात्रा में शामिल लोग भारत माता की जय, जब तक सूरज चांद रहेगा विवेक तेरा नाम रहेगा आदि नारे लगा रहे थे।