फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Art most ancient language

कला सबसे प्राचीन भाषा

Sun, 03 Dec 2017 11:55 PM IST
आजमगढ़ ब्यूरो
आजमगढ़ ब्यूरो Updated Sun, 03 Dec 2017 11:55 PM IST
विज्ञापन
Art most ancient language
गोष्ठी को संबोधित करती आशा सिंह।
 शिब्ली नेशनल इंटर कालेज में चल रहे 18वें आजमगढ़ पुस्तक मेले के पांचवे दिन नेशनल बुक ट्रस्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर जिला विद्यालय निरीक्षक वीके शर्मा के संयोजन में आयोजित शिक्षक संवाद शिविर में साहित्य और कला के अंर्तसंबंध विषय पर शिविर में विषय परिवर्तन करते हुए ललित कला विभाग काशी विद्यापीठ की अध्यक्ष डा.मंजुला चतुर्वेदी ने कहा कि कला सबसे प्राचीन भाषा है जो कला क्षेत्र में जाति धर्म की सीमाओं को ध्वस्त करती है और वसुधैव कुटुम्बकम् की अवधारणा को साकार करती है। उन्होंने कहा कि जो बात एक हजार शब्दों में नहीं कही जा सकती है वह अकेले ही एक चित्र कह देता है।
विज्ञापन

प्रोफेसर चतुेर्वेदी ने पाब्लो पिकासो और मोनालिसा की कला यात्रा का इतिहास सुनाया। साहित्यकार जगदीश चन्द्र बर्नवाल कुन्द ने कहा कि जनपद ़ के साहित्यकारों का बाल साहित्य रचने में अप्रतिम भूमिका है।
विज्ञापन

उन्होंने हरिऔध सिंह उपाध्याय की बाल साहित्य का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि उठो लाल अब आंखे खोलों प्रकृति का संस्कार देने वाला साहित्य है। शिब्ली एकेडमी के सीनियर फेलो एवं उर्दू के साहित्यकार मोहम्म्द इलियास आजमी ने कहा कि लोक ध्वनियां बाल साहित्य में बाल मन को लोक संस्कृति से जोड़ती हैं। वरिष्ठ पत्रकार श्री बनवारी लाल जलान ने कहा कि शिक्षक की भाषा और साहित्य का संस्कार ही आजमगढ़ के भविष्य को बेहतर बनायेगा। मुरादाबाद से आये वरिष्ठ साहित्यकार डा.राकेश चक्र ने स्वरचित बाल कविता का सस्वर पाठ किया। नेशनल बुक ट्रस्ट के पुस्तकालय संचालक आमिर जिलानी ने कहा कि पाठक मंचों की स्थापना और उसके संचालन का यह प्रशिक्षण शिविर आजमगढ़ में पुस्तकालय आंदोलन को सुदृढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय शिविर में तीन सौ से अधिक रीडर्स क्लब का पंजीकरण किया गया है। जिसके लिए शिघ्र ही एक-एक हजार की नि:शुल्क पुस्तके भेजी जायेगी। विशिष्ट अतिथि आलम बदी आजमी बिधायक निजामबाद ने कहा कि किताबें बुला रही हैं चलो आजमगढ़, नारा मुझे खीच कर लाया है। उन्होंने कहा कि पुस्तक विहिन समाज कभी भी बेहतर राष्ट्र नही बना सकता। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि सभी विचारधाराओं के लोग तभी बेहतर समाज बना पायेंगे जब बेहतर साहित्य पढ़ेगें। अध्यक्षता करते हुए शिब्ली इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा. नसीम अहमद ने कहा यह शिविर आजमगढ़ के शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। डा.आशा सिंह, डा.पूजा पाण्डेय, डा.अनीता साइलेस शीखा मौर्या, रामबदन यादव, पंकज राय, अनिल राय ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इतिहास विभाग के अध्यक्ष डा. अलाउद्दीन ने कहा कि सोमवार को मेले में सर सैयद अहमद की 200वीं जयंती के अवसर पर सुबह 11 बजे समकालीन समय में सर सैयद की विचारों की प्रासंगिकता विषय पर विमर्श का आयोजन किया जायेगा। संस्कृतिकर्मी श्री राजीव रंजन ने बताया कि आज मेले में 300 विद्यार्थियों ने चित्रकला कार्यशाला में हिस्सा लिया। जिसमें पोट्ेट, लैडस्केप, स्केचिंग जैसी विधाओं पर ललित कला की नई संभावनाओं को साकार किया। कल मेले में 11 बजे से विद्यार्थी संस्मरण लेखन कार्यशाला का हिस्सा बनेगें।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed