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मंगल के दिन अमृत सिद्ध योग होगा अति शुभ फलदायी
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आजमगढ़। आज से वासंतिक नवरात्र का आगाज हो रहा है। इस बार मां जगदंबा घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं। मंगलवार को अश्विनी नक्षत्र, अमृत सिद्ध योग बन रहा है। सूर्य रात्रि में मेष राशि में प्रवेश करेगा। जो कि अति शुभ और फलदायी है। ज्योतिषाचार्य पंडित नीतेश मिश्रा ने बताया कि नौ दिनों में मां के नौ स्वरूपों की पूजा, आराधना विधि विधान से की जाती है। मार्कंडेय पुराण के अनुसार, मां दुर्गा का विधि विधान से पूजन करने से सभी मनोकामना पूर्ण होंगी। कष्ट दूर होते हैं और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। मां के घोड़े पर सवार होकर पधारने से देश की सैन्य शक्ति में वृद्धि के योग बन रहे हैं। नवमी तिथि पर बुधवार के दिन दुर्गा माता हाथी पर सवार होकर जाएंगी। तात्पर्य है कि इस वर्ष वर्षा के ज्यादा योग बनेंगे।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 13 अप्रैल की सुबह 5.28 से सुबह 8.46 बजे तक है। जबकि अभिजित मुहूर्त पूर्वाह्न 11.36 बजे से 12.24 बजे तक होगा।
आनंद की होगी शुरुआत
13 अप्रैल 2021 से विक्रम संवत 2078 हिंदू नव वर्ष शुरू होगा। शास्त्रों के अनुसार, 2078 संवत्सर का नाम आनंद होगा। इसके प्रभाव से जीवन में महामारी का प्रकोप कम हो जाएगा।
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कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 13 अप्रैल की सुबह 5.28 से सुबह 8.46 बजे तक है। जबकि अभिजित मुहूर्त पूर्वाह्न 11.36 बजे से 12.24 बजे तक होगा।
आनंद की होगी शुरुआत
13 अप्रैल 2021 से विक्रम संवत 2078 हिंदू नव वर्ष शुरू होगा। शास्त्रों के अनुसार, 2078 संवत्सर का नाम आनंद होगा। इसके प्रभाव से जीवन में महामारी का प्रकोप कम हो जाएगा।
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