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आजमगढ़ में एलर्ट, डीएम ने ली बैठक, विशेषज्ञों ने कहा धुएं और तेज आवाज के जरिए भगा सकते हैं टिड्डियां को

Thu, 28 May 2020 06:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2020 06:30 PM IST
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Alert in Azamgarh, DM took meeting, experts said locusts can be driven away by smoke and loud sound
संभावित टिड्डी के प्रकोप, सावधानी एवं बचाव के संबंध में कैंप कार्यालय में बैठक को संबोधित करते डी - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। डीएम एनपी सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कैंप कार्यालय में संभावित टिड्डियों के प्रकोप, सावधानी और बचाव को लेकर बैठक हुई। डीएम ने बताया कि टिड्डी दल के 27 मई को सोनभद्र के घोरावल तहसील के विभिन्न गांवों में पहुंचने की सूचना मिली है। इसलिए इस दल से फसलों आदि को बचाने के लिए सावधानी और उपाय किए जाने की जरूरत है।
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बैठक में जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि जनपद में सब्जी का आच्छादन लगभग 2397 हेक्टेअर है। गन्ना का आच्छादन 19,000 हेक्टेयर है। डीएम ने कहा कि टिड्डी दल एक साथ लाखों की संख्या में गमन करते हैं। जिस क्षेत्र में इनका आक्रमण होता है वह क्षेत्र हरियाली रहित हो जाता है। टिड्डी दल सुबह और सूर्यास्त के समय किसी न किसी पेड़ पौधों पर सूर्योदय होने तक आश्रय लेते हैं। आश्रय के समय ही समस्त वनस्पतियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। एक मादा टिड्डी भूमि में 500 से 1500 अंडे देकर सुबह उड़ जाती है।
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जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इनके नियंत्रण के लिए संस्तुत रसायनों के छिड़काव का सबसे उपयुक्त समय रात्रि 10 बजे से सुबह नौ बजे तक माना जाता है। टिड्डी दल के खेतों के आस-पास दिखाई देते ही किसान भाई टोलियां बनाकर शाम के समय थाली, ढोल, नगाड़े, घंटियां, पटाखे आदि की तेज आवाज करके इनको भगा सकते हैं। टिड्डी दल दिखाई देने पर घास फूस जलाकर धुआं करें। इनका प्रकोप होने पर क्लोरपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी 1200 मिली, लेंडा साइहेलोथ्रीन 5 प्रतिशत ईसी 400 मिली या बेन्थियोंकार्ब 80 प्रतिशत 125 ग्रा, 500 लीटर पानी में प्रति हेक्टेयर की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें या फेनवेलरेट 0.4 प्रतिशत अथवा मैलाथियान 5 प्रतिशत धूल 20 से 25 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से सुबह पत्तियों पर ओस देखकर बुरकाव करें। साथ ही राख का बुरकाव करके भी क्षति को कम किया जा सकता है। डीएम ने समस्त अधिकारियों को निर्देश दिया कि टिड्डी दल की स्थिति पर निगरानी रखें और नामित नोडल अधिकारी से निरंतर संपर्क बनाए रखें। टिड्डी दल के खेत में बैठने के उपरान्त खेत की जुताई अवश्य करा दें ताकि टिड्डी के अंडों को नष्ट किया जा सके। टिड्डी दल के प्रकोप होने की सूचना ग्राम प्रधान, लेखपाल कृषि विभाग के प्राविधिक सहायकों एवं ग्राम पंचायत अधिकारी के माध्यम से कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन तक तत्काल पहुंचाएं। इसके लिए जनपद स्तर पर बने कंट्रोल रुम मोबाइल नं.- 9919588753 एवं 9450809578 पर जानकारी उपलब्ध कराएं। इ
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