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आखिर क्या हुआ ऐसा कि 29 घंटे और 10 'जांबाज ' मिले तब आया नीचे महेश
Azamgrah
Updated Mon, 28 May 2018 11:51 PM IST
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जहानागंज के शाहपुर गांव में पेड़ पर चढ़े व्यक्ति को उतारने के प्रयास करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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जहानागंज। थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव का मानसिक रूप से बीमार एक युवक रविवार की सुबह 11 बजे पीपल के पेड़ पर चढ़ गया। घरवालों और गांववालों के काफी मनुहार के बाद भी वह नीचे नहीं उतरा। आखिरकार सोमवार की शाम करीब चार बजे एक साथ गांव के दस लोगों ने पेड़ पर चढ़कर उसे करीब 29 घंटे बाद पेड़ से नीचे उतारा।
जहानागंज थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव निवासी महेश (25) पुत्र स्व. श्रीराम पासवान चार भाइयों में दूसरे नंबर पर है। उसकी दो बार शादी हुई पर दोनों पत्नी उसे छोड़कर चली गई। तभी से महेश की दिमागी रूप से बीमार था। परिवार के लोग उसका इलाज करवा रहे हैं। रविवार की सुबह वह घर से निकला और गांव के सिवान में स्थित विशालकाय पीपल के पेड़ पर चढ़ गया।
दिन में करीब 11 बजे पेड़ पर महेश के चढ़ने की जानकारी उसके घर वालों को हुई तो परिवार के लोगों ने उससे नीचे उतरने को कहा पर उसने किसी की नहीं सुनी। लोग उसे पकड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ते तो वह और ऊपर चढ़ जाता। परिवार और गांव के लोग रविवार को पूरे दिन परेशान होते रहे पर कोई सफलता नहीं मिली।
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सोमवार को भी पूरे दिन मशक्कत होती रही। अंतत: शाम चार बजे के करीब एक साथ गांव के दस लोग रस्सी लेकर पेड़ पर चढ़े और उसे पकड़कर रस्सी के सहारे किसी तरह से 29 घंटे बाद पेड़ से नीचे उतारा। हालांकि यह स्पष्ट हो सका था कि महेश पेड़ पर क्यों चढ़ा था।
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जहानागंज थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव निवासी महेश (25) पुत्र स्व. श्रीराम पासवान चार भाइयों में दूसरे नंबर पर है। उसकी दो बार शादी हुई पर दोनों पत्नी उसे छोड़कर चली गई। तभी से महेश की दिमागी रूप से बीमार था। परिवार के लोग उसका इलाज करवा रहे हैं। रविवार की सुबह वह घर से निकला और गांव के सिवान में स्थित विशालकाय पीपल के पेड़ पर चढ़ गया।
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दिन में करीब 11 बजे पेड़ पर महेश के चढ़ने की जानकारी उसके घर वालों को हुई तो परिवार के लोगों ने उससे नीचे उतरने को कहा पर उसने किसी की नहीं सुनी। लोग उसे पकड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ते तो वह और ऊपर चढ़ जाता। परिवार और गांव के लोग रविवार को पूरे दिन परेशान होते रहे पर कोई सफलता नहीं मिली।
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सोमवार को भी पूरे दिन मशक्कत होती रही। अंतत: शाम चार बजे के करीब एक साथ गांव के दस लोग रस्सी लेकर पेड़ पर चढ़े और उसे पकड़कर रस्सी के सहारे किसी तरह से 29 घंटे बाद पेड़ से नीचे उतारा। हालांकि यह स्पष्ट हो सका था कि महेश पेड़ पर क्यों चढ़ा था।