फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Advocating the creation of cinema Pratirodha

सिनेमा में सृजन के साथ प्रतिरोध्ा की वकालत

Thu, 28 May 2015 12:22 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Thu, 28 May 2015 12:22 AM IST
विज्ञापन
Advocating the creation of cinema Pratirodha
नेशनल लोेकरंग एकेडमी द्वारा आयोजित प्रतिरोध की संस्कृति, अवाम का सिनेमा में बुधवार को दूसरे दिन शिब्ली महाविद्यालय परिसर में गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने ‘सिनेमा की भाषा और भारतीय-नेपाली दस्तावेजी फिल्मों में उसका इस्तेमाल’ विषय पर चर्चा की।
विज्ञापन


 नेपाल अखबार के संपादक रिशव देव घिमिरे ने कहा कि सिनेमा में प्रतिरोध बहुत जरूरी है, लेकिन संघर्ष के साथ-साथ कलात्मक सृजन होते रहना चाहिए। दरअसल सिनेमा सभी कलाकारों से मिलकर बनता है। जब सभी कलाओ, बेहतर सरोकारों की होड़ होगी तो नतीजे भी यथार्थवादी और सार्थक होंगे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारतीय और नेपाली फिल्मों में प्रतिरोध जरूरी है। मैं नेपाल पहुंचकर इस पर बड़ी कार्यशाला आयोजित करूंगा।
विज्ञापन


नेपाल की प्रसिद्ध अभिनेत्री और निर्देशिका रायल कल्पना ने अपनी कई फिल्मों के मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सिनेमा को अपनी भाषा बदलनी होगी। लेकिन जिस तरह से फिल्मी बाजार का विस्तार हो रहा है। हमें उसके खिलाफ अपने सुख दुख का सिनेमा शुरू करना होगा। सिनेमा पर शोध करने वाले अमित कमलदास ने कहा कि शुरूआती दौर भारतीय सिनेमा मिथ्यों पर बना।
विज्ञापन
विज्ञापन


 लेकिन जैसे-जैसे आजादी का आंदोलन तेज हुआ वैसे ही सिनेमा की भाषा बदली और जनपक्षधर होता चला गया। गोष्ठी की अध्यक्षता विजय नरायन और संचालन एसके दत्ता ने किया। अवाम के सिनेमा के संस्थापक शाह आलम सबके प्रति आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed