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कागजों में चल रही पॉलिथीन व थर्माकोल पर रोक की कार्रवाई
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कलेक्ट्रेट पर प्लास्टिक थैला लिए खड़ा व्यक्ति।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। प्लास्टिक के बढ़ते प्रयोग ने पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। हम इस पर इतने निर्भर हो चुके है कि चाह कर भी इस पर रोक अब तक नहीं लग सकी है। शासन ने पॉलिथीन की झिल्ली के अलावा थर्माकोल आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस्तमाल करने वालों पर जुर्माना भी लगाया है, इसके बाद भी शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक इसका धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है। छोटे से लेकर बड़े सभी दुकानदार, ठेला-खोमचा वाले पॉलिथीन में ही सामान ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे है। ग्राहक भी आसनी के चक्कर में इसी में सामान लेकर घर जा रहे है।
लगभग दो साल पूर्व प्रदेश सरकार ने न्यायालय की सख्ती के बाद पूरे प्रदेश में प्लास्टिक व थर्माकोल के प्रयोग को प्रतिबंधित कर दिया था। प्रतिबंध के दिशा निर्देश मिलने पर प्रशासनिक अमला कुछ सक्रिय हुआ तो बाजार से पॉलिथीन की झिल्लियां गायब हो गई। दुकानदार भी झिल्लियों में सामान देना बंद कर दिए लेकिन यह कवायद कुछ ही दिनों की रही। वर्तमान की बात की जाए तो कई माह से पॉलिथीन व थर्माकोल के इस्तमाल पर प्रतिबंध को लेकर कोई कार्रवाई पूरे जिले में नहीं हुई है। जिसका परिणाम है कि शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक धड़ल्ले से इसका इस्तमाल हो रहा है। छोटी-बड़ी दुकानो के साथ ही ठेला-खोमचा वाले भी इन्हीं पॉलिथीन की झिल्लियों में ही ग्राहकों को सामान दे रहे है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि प्रतिबंध लागू कराने की जिसे जिम्मेदारी मिली है वह खुद बाजार से समान इसी झिल्लियों में खरीद कर ले जा रहा है।
समाचार छपने पर जागते हैं जिम्मेदार
आजमगढ़। समाचार पत्रों में पॉलिथीन के इस्तमाल की खबरे प्रकाशित होने पर जिम्मेदार विभाग के अधिकारी वत कर्मचारी जागते है। दो-चार दिनों तक जगह-जगह छापेमारी की कार्रवाई की जाती है। कुछ दुकानदारों पर जुर्माना लगाया जाता है तो कुछ जगहों से पॉलिथीन बरामदगी कर ली जाती है। इसके बाद पुन: छापेमारी की कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली जाती है और फिर से इनका प्रयोग धड़ल्ले से होने लगता है।
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एक व्यापारी के यहां से दो बार बरामद हुआ लाखों का माल
आजमगढ़। शहर के ब्रह्मस्थान क्षेत्र स्थित एक दुकानदार के गोदाम से एसडीएम सदर व ईओ नगर पालिका ने दो बार लाखों का प्रतिबंधित पॉलिथीन व थर्माकोल बरामद किया। काफी दिनों तक उक्त माल व्यापारी के गोदाम में ही सील रहा। अमर उजाला में लगातार खबरे प्रकाशित होने पर नपा प्रशासन बरामद प्रतिबंधित सामानों को व्यापारी के गोदाम से उठा लाया और अपने रैन बसेरा में रखवा दिया। इसके बाद उसे मऊ स्थित किसी प्लांट पर भेज कर नष्ट कराने का दावा जिला प्रशासन द्वारा किया गया।
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लगभग दो साल पूर्व प्रदेश सरकार ने न्यायालय की सख्ती के बाद पूरे प्रदेश में प्लास्टिक व थर्माकोल के प्रयोग को प्रतिबंधित कर दिया था। प्रतिबंध के दिशा निर्देश मिलने पर प्रशासनिक अमला कुछ सक्रिय हुआ तो बाजार से पॉलिथीन की झिल्लियां गायब हो गई। दुकानदार भी झिल्लियों में सामान देना बंद कर दिए लेकिन यह कवायद कुछ ही दिनों की रही। वर्तमान की बात की जाए तो कई माह से पॉलिथीन व थर्माकोल के इस्तमाल पर प्रतिबंध को लेकर कोई कार्रवाई पूरे जिले में नहीं हुई है। जिसका परिणाम है कि शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक धड़ल्ले से इसका इस्तमाल हो रहा है। छोटी-बड़ी दुकानो के साथ ही ठेला-खोमचा वाले भी इन्हीं पॉलिथीन की झिल्लियों में ही ग्राहकों को सामान दे रहे है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि प्रतिबंध लागू कराने की जिसे जिम्मेदारी मिली है वह खुद बाजार से समान इसी झिल्लियों में खरीद कर ले जा रहा है।
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समाचार छपने पर जागते हैं जिम्मेदार
आजमगढ़। समाचार पत्रों में पॉलिथीन के इस्तमाल की खबरे प्रकाशित होने पर जिम्मेदार विभाग के अधिकारी वत कर्मचारी जागते है। दो-चार दिनों तक जगह-जगह छापेमारी की कार्रवाई की जाती है। कुछ दुकानदारों पर जुर्माना लगाया जाता है तो कुछ जगहों से पॉलिथीन बरामदगी कर ली जाती है। इसके बाद पुन: छापेमारी की कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली जाती है और फिर से इनका प्रयोग धड़ल्ले से होने लगता है।
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एक व्यापारी के यहां से दो बार बरामद हुआ लाखों का माल
आजमगढ़। शहर के ब्रह्मस्थान क्षेत्र स्थित एक दुकानदार के गोदाम से एसडीएम सदर व ईओ नगर पालिका ने दो बार लाखों का प्रतिबंधित पॉलिथीन व थर्माकोल बरामद किया। काफी दिनों तक उक्त माल व्यापारी के गोदाम में ही सील रहा। अमर उजाला में लगातार खबरे प्रकाशित होने पर नपा प्रशासन बरामद प्रतिबंधित सामानों को व्यापारी के गोदाम से उठा लाया और अपने रैन बसेरा में रखवा दिया। इसके बाद उसे मऊ स्थित किसी प्लांट पर भेज कर नष्ट कराने का दावा जिला प्रशासन द्वारा किया गया।

स्कूटर पर बड़े-बड़े प्लास्टिक थैलों में सामान लेकर जाते लोग।- फोटो : AZAMGARH