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Azamgarh News: खेतों में पराली जली तो लगेगा 15 हजार तक जुर्माना
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धान की कटाई अभी अगले महीने में शुरू होगी, लेकिन खेती में पराली जलाने की घटना को लेकर कृषि विभाग पहले ही सजग हो चुका है। खेतों में बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) के कंबाइन हार्वेस्टर चलते मिले तो सीज किए जाएंगे। इसके अलावा पराली जलने की घटना पर अधिकतम 15 हजार तक जुर्माना लगेगा।
जिले में धान की फसल अभी तैयार नहीं हुई है। अगले माह से धान की कटाई शुरू होगी, लेकिन एसएमएस लगे कंबाइन मशीनों से धान की कटाई, मड़ाई कराने और पराली जलने की घटना को रोकने के लिए कृषि विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि कंबाइन हार्वेस्टर मालिकों को अपने-अपने कंबाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, स्ट्रा रीपर, स्ट्रा रेक और बेलर या अन्य उपयुक्त फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र लगाना अनिवार्य होगा।
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बिना फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र के अगर खेतों में कंबाइन चलती मिली तो उसे सीज कर दिया जाएगा। इसके अलावा खेतों में पराली जलने पर दो एकड़ से कम प्रति घटना पर ढाई हजार रुपये, दो से पांच एकड़ प्रति घटना पांच हजार रुपये और पांच एकड़ से अधिक प्रति घटना 15 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा।
पराली जलाने की घटना पर निगरानी रखने के लिए तहसील, ब्लॉक और गांव स्तर पर कमेटी बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से फसल कटाई के बाद खेतों में पराली नहीं जलाने की अपील की है।
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जिले में धान की फसल अभी तैयार नहीं हुई है। अगले माह से धान की कटाई शुरू होगी, लेकिन एसएमएस लगे कंबाइन मशीनों से धान की कटाई, मड़ाई कराने और पराली जलने की घटना को रोकने के लिए कृषि विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
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जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि कंबाइन हार्वेस्टर मालिकों को अपने-अपने कंबाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, स्ट्रा रीपर, स्ट्रा रेक और बेलर या अन्य उपयुक्त फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र लगाना अनिवार्य होगा।
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बिना फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र के अगर खेतों में कंबाइन चलती मिली तो उसे सीज कर दिया जाएगा। इसके अलावा खेतों में पराली जलने पर दो एकड़ से कम प्रति घटना पर ढाई हजार रुपये, दो से पांच एकड़ प्रति घटना पांच हजार रुपये और पांच एकड़ से अधिक प्रति घटना 15 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा।
पराली जलाने की घटना पर निगरानी रखने के लिए तहसील, ब्लॉक और गांव स्तर पर कमेटी बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से फसल कटाई के बाद खेतों में पराली नहीं जलाने की अपील की है।