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जीजा की मौत के चलते नहीं हो सकी पढ़ाई, गुरू जी कर दें पास ...
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:28 PM IST
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यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिका के साथ लिखा गया पत्र।
- फोटो : अमर उजाला
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राजकीय बालिका इंटर कालेज मूल्यांकन केंद्र पर इंटरमीडिएट की कापियां जांची जा रही है। मंगलवार को जांची जा रही एक कापी में जहां सौ रुपये के नोट नत्थी मिले तो वहीं एक कापी में परीक्षार्थी ने पास करने की अपील के साथ खूबसूरत सी शायरी भी लिखा हुआ था।
एक छात्र ने लिखा कि ‘सुर है न ताल है, जिंदगी बेहाल है। गुरू जी कृपा करें जिंदगी का सवाल है।’ वहीं एक छात्रा की कापी में तो मार्मिक अपील के साथ पत्र लिखा हुआ मिला। छात्रा ने लिखा था ‘जीजा जी की मौत हो जाने से पढ़ाई नहीं कर सकी, गुरू जी पास कर दीजिएगा।’
इस बार बोर्ड कापियों के मूल्यांकन के दौरान कापियों में लिखे मिले ऐसे शेर-शायरी, पैसा मिलने और अपील का प्रचार-प्रसार करने पर सख्त पाबंदी लगा रखी है। इसके बाद भी नाम न छापने की शर्त पर परीक्षक ने परीक्षार्थियों की पुरानी परंपरा को उजागर किया।
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एक छात्र ने लिखा कि ‘सुर है न ताल है, जिंदगी बेहाल है। गुरू जी कृपा करें जिंदगी का सवाल है।’ वहीं एक छात्रा की कापी में तो मार्मिक अपील के साथ पत्र लिखा हुआ मिला। छात्रा ने लिखा था ‘जीजा जी की मौत हो जाने से पढ़ाई नहीं कर सकी, गुरू जी पास कर दीजिएगा।’
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इस बार बोर्ड कापियों के मूल्यांकन के दौरान कापियों में लिखे मिले ऐसे शेर-शायरी, पैसा मिलने और अपील का प्रचार-प्रसार करने पर सख्त पाबंदी लगा रखी है। इसके बाद भी नाम न छापने की शर्त पर परीक्षक ने परीक्षार्थियों की पुरानी परंपरा को उजागर किया।
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