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वीरता पुरस्कार से सम्मानित होंगे खजूरी के अखिलेश
Azamgarh
Updated Sun, 07 Sep 2014 05:30 AM IST
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मेहनगर। स्थानीय तहसील क्षेत्र के बाबू की खजूरी गांव में शुक्रवार की देर शाम उत्कृष्ट सेवा संस्थान के तत्वावधान में वीरता पुरस्कार के लिए चयनित गांव के आईपीएस अधिकारी अखिलेश सिंह का सम्मान किया गया। समारोह ने ग्रामीणों ने अखिलेश सिंह को फूल मालाओं से लाद दिया।
बता दें कि बाबू की खजूरी गांव में जन्मे अखिलेश सिंह पुत्र कृष्ण कुमार सिंह का चयन संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा 2007 में आईपीएस के लिए हुआ था। वर्तमान में वे असम के तिनसुिकया जिले में एसएसपी है। वहां उल्फा उग्रवादियों से मुठभेड़ में वीरता का परिचय देते हुए सिंह ने अपने साथियों के साथ उग्रवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। इस पर राज्य सरकार की संस्तुति पर केंद्र सरकार ने उनका चयन वीरता पुरस्कार के लिए किया है। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी 26 जनवरी, 2015 को उन्हें यह पुरस्कार ेप्रदान करेंगे।
सम्मान समारोह में सेवानिवृत्त मजिस्ट्रेट गांव के ही रामअवध पांडेय ने उनके माता पिता की सराहना की और कहा कि गांव के नौजवानों को सिंह से सीख लेनी चाहिए।
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आभार प्रकट करते हुए अखिलेश सिंह ने कहा कि इसका सारा श्रेय माता-पिता, गुरुजनों व चाचा राम गोपाल सिंह को जाता है। उन्होंने नौजवानों को लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मजिस्ट्रेट रामअवध पांडेय व संचालन सतीश सिंह ने किया। इस मौके पर ओमकार शर्मा, इंद्रजीत सिंह, धीरेंद्र सिंह, राधेश्याम सिंह, सत्यवान, राकेश सिंह, अंजनी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
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बता दें कि बाबू की खजूरी गांव में जन्मे अखिलेश सिंह पुत्र कृष्ण कुमार सिंह का चयन संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा 2007 में आईपीएस के लिए हुआ था। वर्तमान में वे असम के तिनसुिकया जिले में एसएसपी है। वहां उल्फा उग्रवादियों से मुठभेड़ में वीरता का परिचय देते हुए सिंह ने अपने साथियों के साथ उग्रवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। इस पर राज्य सरकार की संस्तुति पर केंद्र सरकार ने उनका चयन वीरता पुरस्कार के लिए किया है। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी 26 जनवरी, 2015 को उन्हें यह पुरस्कार ेप्रदान करेंगे।
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सम्मान समारोह में सेवानिवृत्त मजिस्ट्रेट गांव के ही रामअवध पांडेय ने उनके माता पिता की सराहना की और कहा कि गांव के नौजवानों को सिंह से सीख लेनी चाहिए।
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आभार प्रकट करते हुए अखिलेश सिंह ने कहा कि इसका सारा श्रेय माता-पिता, गुरुजनों व चाचा राम गोपाल सिंह को जाता है। उन्होंने नौजवानों को लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मजिस्ट्रेट रामअवध पांडेय व संचालन सतीश सिंह ने किया। इस मौके पर ओमकार शर्मा, इंद्रजीत सिंह, धीरेंद्र सिंह, राधेश्याम सिंह, सत्यवान, राकेश सिंह, अंजनी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।