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Azamgarh News: 82 प्रतिशत काम पूरा फिर भी जर्जर तारों से बिजली आपूर्ति

Tue, 22 Oct 2024 12:26 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2024 12:26 AM IST
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82 percent work completed, still power supply through dilapidated wires
आजमगढ़। निगम रिवैंप योजना का 82 प्रतिशत काम पूरा करने का दावा कर रहा है लेकिन अभी भी शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जर्जर पोल और तार से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। शहर के बदरका, सिविल लाइन, चौक, सिधारी क्षेत्र में कई जगहों पर जर्जर पोल पड़े हैं। पोलों पर तारों का जाल भी है। तारों के बीच बांस की फट्टी बांधकर काम चलाया जा रहा है।
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जर्जर तारों व पोलों के सहारे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। विद्युत आपूर्ति के लिए जिले में छह वितरण खंड बने हुए हैं। इन खंडों में 6.90 लाख उपभोक्ता है। बिजली निगम हमेशा उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति करने की बात करता है, लेकिन जर्जर पोल और तार इसमें बाधा बन रहे हैं। बिजली आपूर्ति के लिए जिले में लगे तार और पोल काफी पुराने हो चुके हैं। इसके कारण लोहे के पोल नीचे से सड़ गए हैं वहीं, तार पतले होकर ढीले हो गए हैं। तार आपस में सटे नहीं, इसके लिए निगम जगह-्रजगह बांस की फट्टी लगाकर काम चला रहा है। यह समस्या एलटी व एचटी दोनों लाइनों में है। हालांकि जर्जर एलटी तारों को बदलकर एबीसी केबल लगाने, 11केवी लाइनों के खराब तारों व पोल बदलने के लिए शासन की तरफ से रिवैंप योजना के तहत जिले को 138 करोड़ रुपये वर्ष 2023 में मिले थे। इस बजट से ट्रांसफाॅर्मरों पर कैपिसीटर बैंक भी लगाया जाना था, ताकि लो वोल्टेज की समस्या खत्म हो। रिवैंप योजना पर वर्ष 2023 में काम भी शुरू हो गया। दिसंबर में खत्म भी करना है। विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 24196 की तुलना में 22135 पोल बदले जा चुके हैं। 2500 किमी की जगह 1935 किमी जर्जर एलटी तारों को बदला गया है। हालांकि 1477 में से एक भी ट्रांसफाॅर्मर पर कैपिसीटर बैंक नहीं लग पाया है।
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बरसात के दिनों में खेतों में पानी भरा होने के कारण योजना का काम धीमा हो गया था। अब धान की फसल कट रही है। बचे कार्यों को दिसंबर तक पूरा करा लिया जाएगा। - राजेश तिवारी, अधिशासी अभियंता।
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