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चमावां में निकाली गई जुलूस-ए-अमारी
Updated Thu, 05 Oct 2017 11:23 PM IST
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मेजवां। करबला में जंग के बाद लुटे हुए काफिले की याद में गुरुवार को फूलपुर तहसील क्षेत्र के चमावां गांव में अंजुमन फरोगे अजा की ओर से जुलूस-ए-अमारी निकाली गई। इसमें हजरत अब्बास का अलम, तीन अमारियां, इमाम जैनुल आबदीन का ताबूत, जुलजनाह की जियारत बरामद की गई। जिस पर दूर-दराज से आए अजादारों ने फूल-माला चढ़ाकर खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
जुलूस का आगाज गुरुवार की अलसुबह छह बजे बुद्धू खां की मस्जिद से किया गया। सैयद जफर आजमी ने नजराना अकीदत पेश किया। जगह-जगह तकरीरे आयोजित की गई, जिसे इमामे जुमा चमावां मौलाना वसी मोहम्मद खां, मौलाना सैयद इरफान हैदर, मौलाना वकार हैदर, मौलाना शारिब अब्बास, मौलाना इंतेजाम हैदर साहब ने खिताब किया। मौलाना ने कहा कि हुसैन इंसानियत का नाम है। नौहा मातम की कड़ी में अंजुमन फिरदोसिया गोपालपुर, अंजुमन अब्बासिया टांडा, अंजुमन अकबरिया सुल्तानपुर, अंजुमन अब्बासिया गाजीपुर ने गांव के विभिन्न अजाखानों केे सामने नौहा मातम किया। जुलूस जब पूर्व प्रधान रजिउल हसन के आवास के पास पहुंचा तो वहां जियारत के लिए अजादारों की भीड़ उमड़ पड़ी। जुलूस का समापन रौजा रसूल पर किया गया। संचालन सहर अर्शी ने किया। संयोजक रजिउल हसन प्रधान ने आभार प्रकट किया।
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जुलूस का आगाज गुरुवार की अलसुबह छह बजे बुद्धू खां की मस्जिद से किया गया। सैयद जफर आजमी ने नजराना अकीदत पेश किया। जगह-जगह तकरीरे आयोजित की गई, जिसे इमामे जुमा चमावां मौलाना वसी मोहम्मद खां, मौलाना सैयद इरफान हैदर, मौलाना वकार हैदर, मौलाना शारिब अब्बास, मौलाना इंतेजाम हैदर साहब ने खिताब किया। मौलाना ने कहा कि हुसैन इंसानियत का नाम है। नौहा मातम की कड़ी में अंजुमन फिरदोसिया गोपालपुर, अंजुमन अब्बासिया टांडा, अंजुमन अकबरिया सुल्तानपुर, अंजुमन अब्बासिया गाजीपुर ने गांव के विभिन्न अजाखानों केे सामने नौहा मातम किया। जुलूस जब पूर्व प्रधान रजिउल हसन के आवास के पास पहुंचा तो वहां जियारत के लिए अजादारों की भीड़ उमड़ पड़ी। जुलूस का समापन रौजा रसूल पर किया गया। संचालन सहर अर्शी ने किया। संयोजक रजिउल हसन प्रधान ने आभार प्रकट किया।
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