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बैंक खाते में 64 लाख जमाकर फंस गया किसान
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 02 Dec 2016 11:43 PM IST
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सिधारी थाना क्षेत्र के चंडेश्वर बाजार स्थित यूनियन बैंक शाखा में गुरुवार को 64 लाख रुपये जमा करने के बाद एक किसान को अब बैंक के प्रावधानों में उलझ कर परेशान होना पड़ रहा है। धनराशि जमा करने के एक घंटे बाद किसान ने रकम को दूसरे के खाते में ट्रांसफर करवाना चाहा तो बैंक ने ऐसा करने से मना कर दिया। बैंक किसान से आय का स्रोत और उससे जुड़े साक्ष्य मांग रहा है। किसान का कहना है कि जमीन बेचने के लिए यह धनराशि उसे एडवांस के रूप में मिली थी लेकिन जमीन बेचने का विचार बदलने के बाद वह धनराशि को संबंधित व्यक्ति के खाते में डालना चाहता है। इस बात को लेकर दूसरे दिन शुक्रवार को भी बैंक में माथापच्ची होती रही।
यूनियन बैंक चंडेश्वर शाखा प्रबंधक सत्यप्रकाश आनंद ने बताया कि सिधारी थाना क्षेत्र के समेंदा गांव निवासी दिनेश चौहान का बैंक में बचत खाता है। दिनेश चौहान ने अपने खाते में गुरुवार को पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट के रूप में एकमुश्त 64 लाख रुपये जमा किये। रुपये जमा करने के करीब एक घंटे बाद दिनेश पुन: बैंक में पहुंचा और जमा किए गए रुपयों को दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का आग्रह किया। जब उसे बताया गया कि नोटबंदी फैसले के बाद इतनी बड़ी रकम एकमुश्त दूसरे खाते में ट्रांसफर नहीं की जा सकती। किसान से आय के स्रोत का साक्ष्य मांगा तो वह नहीं दिखा सका।
ऐसे में आगे की कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों से राय मांगी गई है। उधर, दिनेश चौहान ने बताया कि आजमगढ़-गाजीपुर मुख्य मार्ग पर उसके हिस्से की तेरह बिस्वा जमीन है। उस जमीन को बेचने के लिए उसे एक व्यक्ति से 64 लाख रुपये एडवांस मिले थे। जमीन की कीमत तय नहीं होने के कारण उसने जमीन बेचने का फैसला बदल दिया और ली गई रकम को संबंधित व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर करना चाहता है। यूनियन बैंक के एलडीएम मनोज कुमार ने बताया कि इतनी बड़ी रकम आई कहां से इसका हिसाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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यूनियन बैंक चंडेश्वर शाखा प्रबंधक सत्यप्रकाश आनंद ने बताया कि सिधारी थाना क्षेत्र के समेंदा गांव निवासी दिनेश चौहान का बैंक में बचत खाता है। दिनेश चौहान ने अपने खाते में गुरुवार को पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट के रूप में एकमुश्त 64 लाख रुपये जमा किये। रुपये जमा करने के करीब एक घंटे बाद दिनेश पुन: बैंक में पहुंचा और जमा किए गए रुपयों को दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का आग्रह किया। जब उसे बताया गया कि नोटबंदी फैसले के बाद इतनी बड़ी रकम एकमुश्त दूसरे खाते में ट्रांसफर नहीं की जा सकती। किसान से आय के स्रोत का साक्ष्य मांगा तो वह नहीं दिखा सका।
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ऐसे में आगे की कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों से राय मांगी गई है। उधर, दिनेश चौहान ने बताया कि आजमगढ़-गाजीपुर मुख्य मार्ग पर उसके हिस्से की तेरह बिस्वा जमीन है। उस जमीन को बेचने के लिए उसे एक व्यक्ति से 64 लाख रुपये एडवांस मिले थे। जमीन की कीमत तय नहीं होने के कारण उसने जमीन बेचने का फैसला बदल दिया और ली गई रकम को संबंधित व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर करना चाहता है। यूनियन बैंक के एलडीएम मनोज कुमार ने बताया कि इतनी बड़ी रकम आई कहां से इसका हिसाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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