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मुक्ति के लिए मनुष्य को जाना को होगा भगवान की शरण में
Updated Sat, 24 Nov 2018 11:43 PM IST
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जहानागंज। क्षेत्र के तुलसीपुर गांव स्थित बड़े ब्रह्म बाबा स्थान पर श्री बजरंग सेवा समिति के तत्वाधान में आयोजन श्रीमद् भागवत कथा और ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन शनिवार को मथुरा वृंदावन से पधारे स्वामी चित्य प्रकाशानंद गिरि ने लोगों को माया से मुक्ति का मार्ग बताया। उन्होंने कहा कि मुक्ति के लिए मनुष्य को भगवान की शरण में जाना होगा। उन्होंने बताया कि योग, विराग, ज्ञान, विज्ञान के साधन से मनुष्य ज्ञानी तो बन सकता है लेकिन भगवान की माया से मुक्त नहीं हो सकता। मुक्ति के लिए उसे भगवान के शरण में जाना ही पड़ेगा। भगवान की माया पर यदि भगवान का अनुग्रह हो जाए तो ही जीव मुक्त सकता है। भगवान के समीप आते ही देवकी वासुदेव के बंधन मुक्त हो जाते हैं और योग माया को लेकर पुन: आने पर कारागार में बंधन में पड़ जाते हैं। कृष्ण लीलाओं का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि इंद्र का अहंकार दूर करके गोवर्धन की पूजा और परिक्रमा का शुभारंभ किया। जो अनवरत आज तक अनवरत रूप से चल रही है। कथा में शाम होते ही पंडाल में जगह लेने के लिए गांव-गांव से सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष पहुंचकर अपना आसन ग्रहण कर रहे हैं। आयोजक डा. मंगला प्रसाद सिंह ने सभी का आभार प्रकट तिकया और स्त्रत्त्कहा कि आप लोग इसी तरह सहयोग बनाए रखें। इस मौके पर भक्कू सिंह, डा. सुदीप सिंह, मिठ्ठू सिंह, रामजतन यादव, अनूप चौहान, संतोष पाठक, हरिद्वार सिंह, त्रिलोकी सिंह आदि उपस्थित थे।
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