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दहेज समाज की सबसे बड़ी समस्या
Updated Sat, 11 Nov 2017 11:14 PM IST
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लाटघाट। कृष्णा पटेल महाविद्यालय रोहुवार बैदौली में आज का सामाजिक संकट और युवा वर्ग पर संगोष्ठी का आयोजन शनिवार को हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर जमकर कटाक्ष किया। अमीरी-गरीबी के बीच की खाई को मिटाने की अपील की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष राममूर्ति सिंह, ताहिर मदनी और अनिल राय ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। मुख्य अतिथि मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि अच्छे कार्यों के प्रति सभी का जुड़ाव होना चाहिए। हिंदी विभाग गोरखपुर विश्वविद्यालय के डॉ. अनिल राय ने कहा कि दुनिया में दहेज ही सबसे बड़ा दर्द, समस्या और संकट है। इससे जुड़ीं तमाम कुरीतियां जाति, धर्म, शिक्षा, आतंक भी समाज के सामने बड़ी समस्या बनी हुई है। जब तक उनका निराकरण नहीं होगा, तब तक दहेज की समस्या खत्म नहीं होगी। रामानंद सरस्वती पुस्तकालय जोकहरा की कार्यकारी अध्यक्ष हिना देसाई ने कहा कि स्त्री एक वस्तु नहीं है। दहेज रहित विवाह करके हम बेटियों पर कोई एहसान नहीं करते हैं। गोष्ठी को दानिश हाफिज, हरेंदर सिंह, फलाही, मौलाना अमर असलम इस्लाही, तल्हा अली, जमील अहमद सिद्दीकी, नुसरत बानो, डॉ. विभा राय आदि लोगों ने भी संबोधित किया। संचालन पंकज गौतम ने किया। आयोजक रामसकल सिंह पटेल ने आभार जताया। अनिरुद्ध पटेल, नागेंद्र सिंह, विजय बहादुर पटेल, रामसरन यादव, डॉ. नरसिंह सिंह पटेल मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष राममूर्ति सिंह, ताहिर मदनी और अनिल राय ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। मुख्य अतिथि मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि अच्छे कार्यों के प्रति सभी का जुड़ाव होना चाहिए। हिंदी विभाग गोरखपुर विश्वविद्यालय के डॉ. अनिल राय ने कहा कि दुनिया में दहेज ही सबसे बड़ा दर्द, समस्या और संकट है। इससे जुड़ीं तमाम कुरीतियां जाति, धर्म, शिक्षा, आतंक भी समाज के सामने बड़ी समस्या बनी हुई है। जब तक उनका निराकरण नहीं होगा, तब तक दहेज की समस्या खत्म नहीं होगी। रामानंद सरस्वती पुस्तकालय जोकहरा की कार्यकारी अध्यक्ष हिना देसाई ने कहा कि स्त्री एक वस्तु नहीं है। दहेज रहित विवाह करके हम बेटियों पर कोई एहसान नहीं करते हैं। गोष्ठी को दानिश हाफिज, हरेंदर सिंह, फलाही, मौलाना अमर असलम इस्लाही, तल्हा अली, जमील अहमद सिद्दीकी, नुसरत बानो, डॉ. विभा राय आदि लोगों ने भी संबोधित किया। संचालन पंकज गौतम ने किया। आयोजक रामसकल सिंह पटेल ने आभार जताया। अनिरुद्ध पटेल, नागेंद्र सिंह, विजय बहादुर पटेल, रामसरन यादव, डॉ. नरसिंह सिंह पटेल मौजूद रहे।
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