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पुलिस आपकी मित्र, दें अपराध की सूचना
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:21 AM IST
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आजमगढ़। पुलिस आपकी मित्र है, सदैव आपके अधिकारों की रक्षा करने के लिए आपके साथ खड़ी है। भयमुक्त समाज की स्थापना करना इसका प्रमुख कार्य है। ऐसे में किसी भी तरह के अपराध होने पर तत्काल इसकी सूचना दें। ताकी समय रहते उस पर नियंत्रण पाया जा सके। उक्त बातें पुलिस अधीक्षक रविशंकर छवि ने व्यक्ति की। अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से बुधवार को मार्टीनगंज तहसील क्षेत्र के सरायमोहन गांव में स्थित सुशीला राय महिला महाविद्यालय के सभागार में आयोजित पुलिस की पाठशाला में मौजूद छात्राओं को एसपी रविशंकर छवि ने पुलिस, उसकी कार्यपद्धति, सहयोग आदि के विषय में विस्तार से बताया। एसपी ने कहा कि पुलिस सर्वप्रथम चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में कार्य के रुप में आई। इसके बाद आवश्यकता के मुताबिक इसके स्वरुप में परिवर्तन होते गया। 1861 में सीआरपीसी और आईपीसी दंड संहिता बनी। इसके तहत पुलिस घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर घटना की जांच पड़ताल शुरू करते हुए अपनी रिपोर्ट न्यायालय में पेश करती है। रिपोर्ट में तय अपराध और साक्ष्य सबूत के आधार पर अदालत सजा तय करती है। पुलिस मुख्य रुप से विधान मंडल, राज्यपाल, संसद के दोनों सदनों और राष्ट्रपति द्वारा बनाए गए कानून का पालन कराना तथा लोगों को सुरक्षा प्रदान करना है। एसपी ने कहा कि जो भी कानून बने हैं उनकी जानकारी सभी नागरिकों को रखना नितांत आवश्यक है। एसपी रविशंकर छवि ने बताया कि कानून सभी को समान अधिकार प्रदान करता है। किसी भी अपराध करने पर जितना दंड पुरुषों को दिया जाता है। उतना ही दंड महिलाओं को भी देने का प्रावधान है। एसपी ने बताया कि कानून के तहत महिला और पुरुष दोनों समान हैं। पिता की संपति पर जितना बेटे का हक है। उतना ही बेटियों का भी हक है। अपराध करने से ज्यादा अपराध सहना भी जुर्म है। ऐसे में जहां भी लगे कि आपके अधिकारों का हनन हो रहा। वहां तुरंत उसका विरोध करें और संबंधित थाने पर इसकी सूचना दें। एसपी ने कहा कि सरकार की तरफ से महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090, पुलिस को तत्काल मौके पर बुलाने के लिए डायल 100 आदि की सुविधा लागू की है। इसका फायदा उठाएं। एसपी ने कहा कि कोई भी घटना होने पर पुलिस उसे तब तक अपराधी नहीं साबित कर सकती, जब तक उसके विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य और सबूत न मिल जाएं। साक्ष्य सबूत जुटाने में ही जांच प्रक्रिया में देरी होती है। क्योंकि किसी के कहने से हम उसे अपराधी नहीं मान लेते। उन्होंने सामाजिक बुराईयों और दहेज प्रथा के खात्मे के लिए छात्राओं को पढ़कर सामथ्र्यवान बनने पर जोर दिया। एसपी ने कहा कि यदि पुलिस का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के लिए रिश्वत मांगता है तो उसकी सक्षम अधिकारियों से शिकायत करें। अधिकारियों के फोन नंबर प्रत्येक थाने और पुलिस चौकियों पर लिखा हुआ है। इस अवसर पर सीओ लालगंज सच्चिदानंद, कालेज के प्रबंधक रामाश्रय राय, नंद एकेडमी के प्रबंधक सच्चिदानंद यादव, केडीएन महाविद्यालय के प्रबंधक शैलेंद्र राय मौजूद रहे।
डायल 100 को शुल्क लेने का अधिकार है क्या
आजमगढ़। पुलिस की पाठशाला में छात्राओं ने कई ऐसे सवाल उठाए जो आम लोगों के मन में अक्सर ही घूमते रहते हैं। छात्राओं को मंच मिला तो उन्होंने अधिकारियों से पूछकर अपनी शंका का समाधान किया। कार्यक्रम में मौजूद सुशीला राय महिला महाविद्यालय की छात्रा माही राय ने एसपी से पूछा कि डायल 100 के कर्मचारियों को किसी भी तरह का शुल्क लेने का अधिकार है। यदि यह लोग मौके पर जाकर लोगों से शुल्क लेते हैं तो इसकी शिकायत कहां और किससे करनी चाहिए। वहीं डीएलएड की छात्रा प्रीति गुप्ता ने एसपी से पूछा कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कहां पर शिकायत करेंगे। किस तरह से इनके विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। क्या शिकायत करने पर कार्रवाई करने की बजाय शिकायतकर्ता को परेशान किया जाता है। छात्रा दीपमाला ने एसपी से पूछा कि यदि कोई भी व्यक्ति प्रताड़ित या परेशान करता है तो उस संबंध में कहां और किससे शिकायत करें। क्या शिकायत करने वाले को भी परेशान या प्रताड़ित किया जाता है। छात्रा गरिमा गुप्ता ने पूछा कि मुस्लिम समाज में बहु विवाह की प्रथा क्यों चल रही है। क्या इस समाज के लोगों को कई शादियां करने का अधिकार है। बीए साहित्य की छात्रा दिव्या चतुर्वेदी ने पूछा कि अपराधियों को सजा दिलाने की क्या प्रक्रिया है। घटनाओं की जांच पूरी करने में इतनी देरी क्यों होती है। बीए की छात्रा वंदना यादव ने पूछा कि दहेज प्रथा पर अंकुश कैसे लगेगा।
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डायल 100 को शुल्क लेने का अधिकार है क्या
आजमगढ़। पुलिस की पाठशाला में छात्राओं ने कई ऐसे सवाल उठाए जो आम लोगों के मन में अक्सर ही घूमते रहते हैं। छात्राओं को मंच मिला तो उन्होंने अधिकारियों से पूछकर अपनी शंका का समाधान किया। कार्यक्रम में मौजूद सुशीला राय महिला महाविद्यालय की छात्रा माही राय ने एसपी से पूछा कि डायल 100 के कर्मचारियों को किसी भी तरह का शुल्क लेने का अधिकार है। यदि यह लोग मौके पर जाकर लोगों से शुल्क लेते हैं तो इसकी शिकायत कहां और किससे करनी चाहिए। वहीं डीएलएड की छात्रा प्रीति गुप्ता ने एसपी से पूछा कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कहां पर शिकायत करेंगे। किस तरह से इनके विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। क्या शिकायत करने पर कार्रवाई करने की बजाय शिकायतकर्ता को परेशान किया जाता है। छात्रा दीपमाला ने एसपी से पूछा कि यदि कोई भी व्यक्ति प्रताड़ित या परेशान करता है तो उस संबंध में कहां और किससे शिकायत करें। क्या शिकायत करने वाले को भी परेशान या प्रताड़ित किया जाता है। छात्रा गरिमा गुप्ता ने पूछा कि मुस्लिम समाज में बहु विवाह की प्रथा क्यों चल रही है। क्या इस समाज के लोगों को कई शादियां करने का अधिकार है। बीए साहित्य की छात्रा दिव्या चतुर्वेदी ने पूछा कि अपराधियों को सजा दिलाने की क्या प्रक्रिया है। घटनाओं की जांच पूरी करने में इतनी देरी क्यों होती है। बीए की छात्रा वंदना यादव ने पूछा कि दहेज प्रथा पर अंकुश कैसे लगेगा।
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