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कई दिनों तक दहलाने के बाद घटा जलस्तर, रुकी कटान
Updated Mon, 09 Jul 2018 12:20 AM IST
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सगड़ी तहसील के देवरांचल में घाघरा ने देवारावासियों को दहलाने का कार्य शुरू कर दिया है। रविवार को नदी का जलस्तर गेज से भी नीचे पहुंच गया। जलस्तर घटने से नदी की कटान रूक गई है। जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
जनपद की उत्तरी सीमा से होकर बहने वाली घाघरा नदी ने देवारावासियों पर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। देवारा खास राजा के त्रिलोकी का पुरवा में आबादी की जमीन घाघरा नदी में समाती जा रही है। शनिवार को जलस्तर में वृद्घि के साथ कटान में तेजी थी लेकिन रविवार को नदी के जलस्तर में कमी होने से कटान रुक गई। नदी का जलस्तर गेज को छोड़ चुका है। नदी द्वारा की जा रही कटाने से इसके किनारे बसे गांवों के लोंगों में दहशत व्याप्त थी। लोग धीरे-धीरे अपने आशियाने को उजाड़ कर दूसरे स्थान पर विस्थापित होने लगे। बताते चलें कि पिछले वर्ष 18 लोगों का आशियाना घाघरा नदी में विलीन हो चुका है और त्रिलोकी का पुरवा के भी 19 लोग कटान के मुहाने पर खड़े हैं। सजगू, देवशरण, राजेंद्र, बहादुर लाल, चंद्रप्रकाश कटान के मुहाने पर है। लेकिन रविवार को कटान रुकने से इन लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी है कि नदी कब फिर से कटान शुरू कर दे कहा नहीं जा सकता है।
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जनपद की उत्तरी सीमा से होकर बहने वाली घाघरा नदी ने देवारावासियों पर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। देवारा खास राजा के त्रिलोकी का पुरवा में आबादी की जमीन घाघरा नदी में समाती जा रही है। शनिवार को जलस्तर में वृद्घि के साथ कटान में तेजी थी लेकिन रविवार को नदी के जलस्तर में कमी होने से कटान रुक गई। नदी का जलस्तर गेज को छोड़ चुका है। नदी द्वारा की जा रही कटाने से इसके किनारे बसे गांवों के लोंगों में दहशत व्याप्त थी। लोग धीरे-धीरे अपने आशियाने को उजाड़ कर दूसरे स्थान पर विस्थापित होने लगे। बताते चलें कि पिछले वर्ष 18 लोगों का आशियाना घाघरा नदी में विलीन हो चुका है और त्रिलोकी का पुरवा के भी 19 लोग कटान के मुहाने पर खड़े हैं। सजगू, देवशरण, राजेंद्र, बहादुर लाल, चंद्रप्रकाश कटान के मुहाने पर है। लेकिन रविवार को कटान रुकने से इन लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी है कि नदी कब फिर से कटान शुरू कर दे कहा नहीं जा सकता है।
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