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Azamgarh News: 2.40 करोड़ से बी-पैक्स से ई-पैक्स बनीं 60 समितियां
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आजमगढ़। साधन सहकारी समितियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। पहले और दूसरे चरण में चयनित 60 बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (बी-पैक्स) को कंप्यूटरीकृत करके ई-पैक्स में परिवर्तित किया जा चुका है। समितियों के कार्यों का ऑनलाइन संचालन शुरू हो गया है और एक क्लिक पर उनका पूरा ब्योरा उपलब्ध हो रहा है। इससे किसानों को लेन-देन और विभिन्न सेवाओं का लाभ लेने में सहूलियत मिल रही है।
एआर सहकारिता अजय कुमार ने बताया कि तीसरे चरण में 148 अन्य समितियों को भी ई-पैक्स के रूप में परिवर्तन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ई-पैक्स बनाने में प्रति समिति पर लगभग चार लाख रुपये हार्डवेयर, साफ्टवेयर पर खर्च हो रहे। वर्तमान समय में जिले में कुल 250 साधन सहकारी समितियां हैं। पहले, दूसरे चरण में 60 समितियों को ई-पैक्स के रूप में विकसित किया जा चुका है। इन समितियों के पुराने अभिलेखों और लेन देन संबंधी विवरणों को डिजिटल स्वरूप में अपडेट करने का कार्य जारी है। पहले समितियों का पूरा लेखा-जोखा रजिस्टरों में दर्ज किया जाता था। इससे रिकॉर्ड खंगालने में काफी समय लगता था। कंप्यूटरीकरण के बाद अब सभी जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यों के निष्पादन में तेजी आएगी। समितियों के माध्यम से किसानों को खाद, बीज, कृषि यंत्र, ऋण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ई-पैक्स व्यवस्था लागू होने से इन सेवाओं का संचालन अधिक सुगम और प्रभावी होगा।
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एआर सहकारिता अजय कुमार ने बताया कि तीसरे चरण में 148 अन्य समितियों को भी ई-पैक्स के रूप में परिवर्तन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ई-पैक्स बनाने में प्रति समिति पर लगभग चार लाख रुपये हार्डवेयर, साफ्टवेयर पर खर्च हो रहे। वर्तमान समय में जिले में कुल 250 साधन सहकारी समितियां हैं। पहले, दूसरे चरण में 60 समितियों को ई-पैक्स के रूप में विकसित किया जा चुका है। इन समितियों के पुराने अभिलेखों और लेन देन संबंधी विवरणों को डिजिटल स्वरूप में अपडेट करने का कार्य जारी है। पहले समितियों का पूरा लेखा-जोखा रजिस्टरों में दर्ज किया जाता था। इससे रिकॉर्ड खंगालने में काफी समय लगता था। कंप्यूटरीकरण के बाद अब सभी जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यों के निष्पादन में तेजी आएगी। समितियों के माध्यम से किसानों को खाद, बीज, कृषि यंत्र, ऋण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ई-पैक्स व्यवस्था लागू होने से इन सेवाओं का संचालन अधिक सुगम और प्रभावी होगा।
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