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शिक्षामित्रों ने दोबारा शुरू किया सत्याग्रह आंदोलन
Updated Thu, 17 Aug 2017 11:59 PM IST
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आजमगढ़। सरकार द्वारा आश्वासन देने के बाद भी कोई निर्णय न लिए जाने से नाराज शिक्षामित्रों ने गुरुवार को कुंवर सिंह उद्यान में सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया। शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। रैली निकाल नारेबाजी की और सड़कों पर सफाई भी की।
संयोजक देवसी प्रसाद यादव और हरेंद्र सिंह ने कहा कि विगत 25 जुलाई को उच्चतम न्यायालय द्वारा समायोजन रद्द किए जाने के बाद लगातार सात दिनों तक जिला मुख्यालयों पर चले धरने के बाद सीएम ने 15 दिनों का समय मांगा था। जिसके कारण हमारा धरना स्थगित हो गया। सहसंयोजक अनिल विश्वकर्मा और ओमप्रकाश यादव ने कहा कि 15 दिनों से संगठन के नेताओं से सचिव स्तर की कई बार वार्ता हुई। जिसमें हमारी एक मांग न मानते हुए अपने निर्णय को हमारे ऊपर थोपे जाने का प्रयास किया गया। जिसके कारण हमें दोबारा आंदोलन की राह पकड़नी पड़ी। कैलाश यादव, कृष्ण मोहन उपाध्याय और अनिल यादव ने कहा कि भाजपा द्वारा अपने संकल्पपत्र में हमारी समस्याओं को तीन महीने में सुलझाने का वादा किया गया था। समायोजन रद्द होने के बाद सरकार के विभिन्न प्रतिनिधियों द्वारा हमारी समस्याओं का स्थायी हल करने का वादा किया गया लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक सार्थक निर्णय न लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पर राम प्रताप सिंह, सूर्य प्रकाश, जयकुमार सिंह, मनीष राय, उपेंद्र यादव, योगेंद्र पाल, रामअवतार विंद, रामविजय यादव, सुनील, अशोक, राजेश, मनेंद्र सिंह, हीरालाल आदि उपस्थित थे।
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संयोजक देवसी प्रसाद यादव और हरेंद्र सिंह ने कहा कि विगत 25 जुलाई को उच्चतम न्यायालय द्वारा समायोजन रद्द किए जाने के बाद लगातार सात दिनों तक जिला मुख्यालयों पर चले धरने के बाद सीएम ने 15 दिनों का समय मांगा था। जिसके कारण हमारा धरना स्थगित हो गया। सहसंयोजक अनिल विश्वकर्मा और ओमप्रकाश यादव ने कहा कि 15 दिनों से संगठन के नेताओं से सचिव स्तर की कई बार वार्ता हुई। जिसमें हमारी एक मांग न मानते हुए अपने निर्णय को हमारे ऊपर थोपे जाने का प्रयास किया गया। जिसके कारण हमें दोबारा आंदोलन की राह पकड़नी पड़ी। कैलाश यादव, कृष्ण मोहन उपाध्याय और अनिल यादव ने कहा कि भाजपा द्वारा अपने संकल्पपत्र में हमारी समस्याओं को तीन महीने में सुलझाने का वादा किया गया था। समायोजन रद्द होने के बाद सरकार के विभिन्न प्रतिनिधियों द्वारा हमारी समस्याओं का स्थायी हल करने का वादा किया गया लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक सार्थक निर्णय न लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पर राम प्रताप सिंह, सूर्य प्रकाश, जयकुमार सिंह, मनीष राय, उपेंद्र यादव, योगेंद्र पाल, रामअवतार विंद, रामविजय यादव, सुनील, अशोक, राजेश, मनेंद्र सिंह, हीरालाल आदि उपस्थित थे।
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