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एक बेंच पर नहीं बैठेंगे दो से अधिक परीक्षार्थी
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:09 AM IST
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आजमगढ़। माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र इलाहाबाद द्वारा संचालित यूपी बोर्ड की परीक्षा को पारदर्शी, नकलविहीन संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार को शिब्ली नेशनल इंटर कालेज में प्रधानाचार्यों और केंद्राध्यक्षों की बैठक आयोजित हुई। जिसमें संयुक्त शिक्षा निदेशक अनारपति वर्मा ने उनके कर्तव्यों का पाठ पढ़ाया और कहा कि हर हाल में नकल विहीन परीक्षा संपन्न करानी है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान प्रत्येक कक्ष में परीक्षार्थियों के बैठने के लिए डेस्क बेंच का होना अनिवार्य है। किसी भी स्थिति में कोई भी परीक्षार्थी जमीन पर बैठकर परीक्षा न दें। केंद्र पर आवंटित परीक्षार्थियों की संख्या के अनुसार फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और प्रत्येक बेंच पर दो से अधिक परीक्षार्थी कदापि नहीं बैठेंगे। किसी भी कक्ष में 25 से कम परीक्षार्थी नहीं होने चाहिए। केंद्र पर सीटिंग प्लान मिश्रित बनाया जाए। जिसमें बालक, बालिकाओं और आवंटित विद्यालय के परीक्षार्थियों को मिश्रित कर बैठाया जाए। पेयजल की व्यवस्था कक्ष से बाहर ही की जाए और बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार परीक्षा केन्द्रों के प्रत्येक परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी कैमरा संचालित होना आवश्यक है। परीक्षा अवधि में निर्वाध रिकार्डिंग होगी। विद्युत बाधित होने की दशा में जनरेटर से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक डा. वीके शर्मा ने कहा कि परीक्षा केंद्रों के प्रबंधक, अभिभावक, परिषदीय परीक्षा कार्यों से डिबार शिक्षकों का परीक्षा अवधि में प्रवेश वर्जित है।परीक्षा अवधि में परीक्षा व्यवस्था से जुड़े व्यक्तियों से इतर वाह्य व्यक्तियों का परीक्षा केंद्र में प्रवेश वर्जित रहेगा और फोटोग्राफी के साथ वीडियोग्राफी वर्जित रहेगी। कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी में शिक्षक के पास जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित परिचय पत्र होना आवश्यक है। परीक्षा प्रश्न पत्र की तिथि को विषय अध्यापक की ड्यूटी किसी भी स्थिति में नहीं लगाई जाएगी। इस दौरान अधिकारियों द्वारा प्रधानाचार्यों और केंद्राध्यक्षों को उनकी जिम्मेदारियां बताई गई।
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उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान प्रत्येक कक्ष में परीक्षार्थियों के बैठने के लिए डेस्क बेंच का होना अनिवार्य है। किसी भी स्थिति में कोई भी परीक्षार्थी जमीन पर बैठकर परीक्षा न दें। केंद्र पर आवंटित परीक्षार्थियों की संख्या के अनुसार फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और प्रत्येक बेंच पर दो से अधिक परीक्षार्थी कदापि नहीं बैठेंगे। किसी भी कक्ष में 25 से कम परीक्षार्थी नहीं होने चाहिए। केंद्र पर सीटिंग प्लान मिश्रित बनाया जाए। जिसमें बालक, बालिकाओं और आवंटित विद्यालय के परीक्षार्थियों को मिश्रित कर बैठाया जाए। पेयजल की व्यवस्था कक्ष से बाहर ही की जाए और बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार परीक्षा केन्द्रों के प्रत्येक परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी कैमरा संचालित होना आवश्यक है। परीक्षा अवधि में निर्वाध रिकार्डिंग होगी। विद्युत बाधित होने की दशा में जनरेटर से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक डा. वीके शर्मा ने कहा कि परीक्षा केंद्रों के प्रबंधक, अभिभावक, परिषदीय परीक्षा कार्यों से डिबार शिक्षकों का परीक्षा अवधि में प्रवेश वर्जित है।परीक्षा अवधि में परीक्षा व्यवस्था से जुड़े व्यक्तियों से इतर वाह्य व्यक्तियों का परीक्षा केंद्र में प्रवेश वर्जित रहेगा और फोटोग्राफी के साथ वीडियोग्राफी वर्जित रहेगी। कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी में शिक्षक के पास जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित परिचय पत्र होना आवश्यक है। परीक्षा प्रश्न पत्र की तिथि को विषय अध्यापक की ड्यूटी किसी भी स्थिति में नहीं लगाई जाएगी। इस दौरान अधिकारियों द्वारा प्रधानाचार्यों और केंद्राध्यक्षों को उनकी जिम्मेदारियां बताई गई।
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