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मतगणना में 50-50 मतपत्रों की बनेगी गड्डी
Updated Sat, 25 Nov 2017 11:38 PM IST
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आजमगढ़। मतगणना में लगाए गए मतगणना कार्मिकों के प्रशिक्षण के लिए शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मास्टर ट्रेनरों की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें जिलाधिकारी ने बताया कि मतों की गणना वार्डवार और मतदान स्थलवार क्रम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सदस्य और अध्यक्ष पद के मतों की गणना मतदान स्थलवार की जाएगी। अर्थात जिस मतदान स्थल की मतगणना शुरू की जाएगी उस मतदान स्थल के सदस्य और अध्यक्ष की गणना पूर्ण करने के बाद ही दूसरे मतदान स्थल की मतपेटिका के मतों की गणना की जाएगी। सदस्य और अध्यक्ष पद की मतगणना के लिए अलग-अलग गणना टेबुल लगाई गई है। अध्यक्ष पद की मतगणना चक्रवार मतदान स्थलवार की जाएगी। सदस्य पद की मतगणना संबंधित वार्ड के लिए आवंटित मतगणना टेबुल पर उस वार्ड के समस्त मतदान स्थलों की जाएगी।
मतपेटिका को गणना मेज पर उपलब्ध कराने के बाद सवरप्रथम गणना पर्यवेक्षक यह देखेगें कि उसके मतगणना टेबुल पर आवंटित वार्ड/मतदान स्थल की सूची में उक्त मतदान स्थल आवंटित है या नहीं। यदि है तो गणना पर्यवेक्षक, मतपेटिका के थैले की सील को उपस्थित गणना अभिकर्ताओं को दिखाकर संतुष्ट करने के बाद थैले को खोलकर मतपेटिका को निकाल कर पुन: मतपेटिका की सील का उपस्थित गणना अभिकर्ताओं को दिखाकर संतुष्ट करने बाद मतपेटिका के सील को खोलेगा। सदस्य और अध्यक्ष पद के सभी मतपत्रों को बिना प्रत्याशीवार मतपत्रों को अलग किए 50-50 की गड्डी बनाएं, एक गड्डी 50 मतपत्रों से कम की हो सकती है। 50-50 की गड्डियों में मतपत्रों की संख्या की पुन: अवश्य जांच करें। इस प्रकार तैयार गड्डियों से प्राप्त मतपत्रों का मिलान, मतपत्र लेखा भाग-2 के प्रपत्र पर करें। यदि कोई अंतर हो तो उसका भी अंकन मतपत्र लेखा भाग-2 में करें। सदस्य और अध्यक्ष पद के एक-एक गड्डियों को खोल कर प्रत्याशीवार मतपत्रों को छांटे और प्रत्याशीवार मतपत्रों को छांटते समय वैध मतपत्र और अवैध मतपत्र को भी देखना होगा। इस मौके पर सीडीओ अभिषेक सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व बीके गुप्ता, पीडी दुर्गादत्त शुक्ल, डीडीओ विजय कुमार, एडीओ राकेश कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।
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उन्होंने बताया कि सदस्य और अध्यक्ष पद के मतों की गणना मतदान स्थलवार की जाएगी। अर्थात जिस मतदान स्थल की मतगणना शुरू की जाएगी उस मतदान स्थल के सदस्य और अध्यक्ष की गणना पूर्ण करने के बाद ही दूसरे मतदान स्थल की मतपेटिका के मतों की गणना की जाएगी। सदस्य और अध्यक्ष पद की मतगणना के लिए अलग-अलग गणना टेबुल लगाई गई है। अध्यक्ष पद की मतगणना चक्रवार मतदान स्थलवार की जाएगी। सदस्य पद की मतगणना संबंधित वार्ड के लिए आवंटित मतगणना टेबुल पर उस वार्ड के समस्त मतदान स्थलों की जाएगी।
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मतपेटिका को गणना मेज पर उपलब्ध कराने के बाद सवरप्रथम गणना पर्यवेक्षक यह देखेगें कि उसके मतगणना टेबुल पर आवंटित वार्ड/मतदान स्थल की सूची में उक्त मतदान स्थल आवंटित है या नहीं। यदि है तो गणना पर्यवेक्षक, मतपेटिका के थैले की सील को उपस्थित गणना अभिकर्ताओं को दिखाकर संतुष्ट करने के बाद थैले को खोलकर मतपेटिका को निकाल कर पुन: मतपेटिका की सील का उपस्थित गणना अभिकर्ताओं को दिखाकर संतुष्ट करने बाद मतपेटिका के सील को खोलेगा। सदस्य और अध्यक्ष पद के सभी मतपत्रों को बिना प्रत्याशीवार मतपत्रों को अलग किए 50-50 की गड्डी बनाएं, एक गड्डी 50 मतपत्रों से कम की हो सकती है। 50-50 की गड्डियों में मतपत्रों की संख्या की पुन: अवश्य जांच करें। इस प्रकार तैयार गड्डियों से प्राप्त मतपत्रों का मिलान, मतपत्र लेखा भाग-2 के प्रपत्र पर करें। यदि कोई अंतर हो तो उसका भी अंकन मतपत्र लेखा भाग-2 में करें। सदस्य और अध्यक्ष पद के एक-एक गड्डियों को खोल कर प्रत्याशीवार मतपत्रों को छांटे और प्रत्याशीवार मतपत्रों को छांटते समय वैध मतपत्र और अवैध मतपत्र को भी देखना होगा। इस मौके पर सीडीओ अभिषेक सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व बीके गुप्ता, पीडी दुर्गादत्त शुक्ल, डीडीओ विजय कुमार, एडीओ राकेश कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।
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