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ैकफेड के खिलाफ मिली शिकायत पर मंडलायुक्त ने गठित की जांच टीम
Updated Sat, 19 Aug 2017 12:59 AM IST
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आजमगढ़। मंडलायुक्त के रविंद्र नायक ने शुक्रवार को मंडलायुक्त कार्यालय में 50 लाख तथा उससे अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभागों को जिन परियोजनाओं में धनराशि उपलब्ध है उनमें अपेक्षित प्रगति लाते हुए निर्धारित समय पर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग,जल निगम आदि विभागों ने मंडलायुक्त को बताया कि कार्यदायी संस्था पैकफेड द्वारा कई परियोजनाओं में मानक एवं गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। इस पर मंडलायुक्त ने जांच टीम गठित की।
उन्होंने निर्देश दिया कि यदि गुणवत्ता एवं मानक आदि में कमी पाई मिलती है तो संबंधित कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह का समय दिया जाए। इसके बावजूद कमियॉ दूर नहीं की जाती हैं तो कार्यदायी संस्था के विरूद्ध आरसी जारी कराते हुए धनराशि भूराजस्व की भांति वसूल की जाए। यदि जरूरी हुआ तो एफआईआर भी दर्ज कराई जाए। बलिया में सेतु निगम द्वारा कराए जा रहे कार्यों की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। संबंधित अधिशाषी अभियंता को को पुल निर्माण पूरा न होने के कारण लोक निर्माण की कई परियोजनायें अनारंभ हैं। इसलिये पुल निर्मार्ण कार्य में तेजी लाए। इसी प्रकार आजमगढ़ में लोकनिर्माण विभाग से संबंधित 113 परियोजनाओं में पांच अनारंभ तथा मात्र नौ पूर्ण मिलने पर असहमति व्यक्त करते हुए मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग को तेजी लाने का निर्देश दिया। मंडलायुक्त ने नगरीय निकायों में 50 लाख से ऊपर की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद बलिया में 14, आजमगढ़ एवं मऊ में एक-एक परियोजनाएं है। लेकिन इनमें से कोई भी पूर्ण नहीं हैं, इस पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिशासी अधिकारियों को इस ओर विशेष ध्यान देकर समय सीमा के अंदर कार्य को पूर्ण करने का निर्देश दिया। आजमगढ़ के सेहदा में आरक्षित वन विकास के लिए धनराशि उपलब्ध होने के बाद भी मात्र 25 प्रतिशित, अंबारी में राजकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय का कार्य 34 प्रतिशत तथा जिला स्तरीय ड्रगवेयर हाउस का कार्य अनारंभ होने को भी गंभीरता से लिया। तत्काल अपेक्षित कार्यवाही का निर्देश दिया।
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उन्होंने निर्देश दिया कि यदि गुणवत्ता एवं मानक आदि में कमी पाई मिलती है तो संबंधित कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह का समय दिया जाए। इसके बावजूद कमियॉ दूर नहीं की जाती हैं तो कार्यदायी संस्था के विरूद्ध आरसी जारी कराते हुए धनराशि भूराजस्व की भांति वसूल की जाए। यदि जरूरी हुआ तो एफआईआर भी दर्ज कराई जाए। बलिया में सेतु निगम द्वारा कराए जा रहे कार्यों की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। संबंधित अधिशाषी अभियंता को को पुल निर्माण पूरा न होने के कारण लोक निर्माण की कई परियोजनायें अनारंभ हैं। इसलिये पुल निर्मार्ण कार्य में तेजी लाए। इसी प्रकार आजमगढ़ में लोकनिर्माण विभाग से संबंधित 113 परियोजनाओं में पांच अनारंभ तथा मात्र नौ पूर्ण मिलने पर असहमति व्यक्त करते हुए मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग को तेजी लाने का निर्देश दिया। मंडलायुक्त ने नगरीय निकायों में 50 लाख से ऊपर की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद बलिया में 14, आजमगढ़ एवं मऊ में एक-एक परियोजनाएं है। लेकिन इनमें से कोई भी पूर्ण नहीं हैं, इस पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिशासी अधिकारियों को इस ओर विशेष ध्यान देकर समय सीमा के अंदर कार्य को पूर्ण करने का निर्देश दिया। आजमगढ़ के सेहदा में आरक्षित वन विकास के लिए धनराशि उपलब्ध होने के बाद भी मात्र 25 प्रतिशित, अंबारी में राजकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय का कार्य 34 प्रतिशत तथा जिला स्तरीय ड्रगवेयर हाउस का कार्य अनारंभ होने को भी गंभीरता से लिया। तत्काल अपेक्षित कार्यवाही का निर्देश दिया।
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