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कोटेदार भी जमा कराएंगे बिजली का बिल
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आजमगढ़। कोटेदारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा निर्णय लिया गया है कि सभी कोटेदार अपने पास मौजूद ईपास मशीन के जरिए आनलाइन अपने गांव के लोगों का बिजली का बिल जमा कर सकेंगे। बदले में कोटेदारों को विभाग की तरफ से निर्धारित कमीशन दिया जाएगा। खाद्य एवं रसद विभाग के अपर आयुक्त द्वारा दिए गए इस आदेश के क्रम में विभाग योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए तैयारी करने में जुटा हुआ है।
जिला पूर्ति विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 2076 कोटेदार हैं, जबकि शहरी क्षेत्र में कुल 110 कोटेदार हैं। जहां से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के कार्ड धारकों को राशन और मिट्टी का तेल दिया जाता है। कार्ड धारकों को सरकारी दर पर राशन वितरण करने वाले कोटेदार काफी दिनों से अपनी आमदनी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर कई बार धरना प्रदर्शन और आंदोलन तक कर चुके हैं। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं रसद विभाग की तरफ से कोटेदारों की आमदनी बढ़ाने के लिए ईपास मशीन के जरिए आनलाइन अपने-अपने गांव के कनेक्शनधारकों का बिजली का बिल जमा कराया जाएगा। इससे जहां गांव वालों को बिजली का बकाया जमा करने में आसानी होगी। वहीं जितने रुपये का बिजली बिल कोटेदार द्वारा जमा किया जाएगा। उसके हिसाब से उसका निर्धारित शुल्क दिया जाएगा। इससे जहां कोटेदारों को फायदा मिलेगा। वहीं गांव वालों को बिजली का बिल जमा करने के लिए लंबी लाइन लगाने से छुटकारा मिलेगी और विद्युत विभाग का बकाया भी आसानी से मिल जाया करेगा। जिलापूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा ने बताया कि निर्देश मिलने के बाद से ई पास मशीनों को दुरुस्त कराया जा रहा। जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की असुविधा है, वहां की दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा। जल्द ही इस योजना को लागू कर दी जाएगी।
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जिला पूर्ति विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 2076 कोटेदार हैं, जबकि शहरी क्षेत्र में कुल 110 कोटेदार हैं। जहां से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के कार्ड धारकों को राशन और मिट्टी का तेल दिया जाता है। कार्ड धारकों को सरकारी दर पर राशन वितरण करने वाले कोटेदार काफी दिनों से अपनी आमदनी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर कई बार धरना प्रदर्शन और आंदोलन तक कर चुके हैं। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं रसद विभाग की तरफ से कोटेदारों की आमदनी बढ़ाने के लिए ईपास मशीन के जरिए आनलाइन अपने-अपने गांव के कनेक्शनधारकों का बिजली का बिल जमा कराया जाएगा। इससे जहां गांव वालों को बिजली का बकाया जमा करने में आसानी होगी। वहीं जितने रुपये का बिजली बिल कोटेदार द्वारा जमा किया जाएगा। उसके हिसाब से उसका निर्धारित शुल्क दिया जाएगा। इससे जहां कोटेदारों को फायदा मिलेगा। वहीं गांव वालों को बिजली का बिल जमा करने के लिए लंबी लाइन लगाने से छुटकारा मिलेगी और विद्युत विभाग का बकाया भी आसानी से मिल जाया करेगा। जिलापूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्रा ने बताया कि निर्देश मिलने के बाद से ई पास मशीनों को दुरुस्त कराया जा रहा। जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की असुविधा है, वहां की दिक्कतों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा। जल्द ही इस योजना को लागू कर दी जाएगी।
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