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लाइट, कैमरा और एक्शन की आवाज से गूंज उठा मेजवां
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मेजवां/अंबारी। प्रख्यात सिने अभिनेत्री शबाना आजमी अपने शायर पिता कैफी आजमी के पैतृक गांव के विकास के सपने को किसी न किसी रूप में साकार करने में जुटी है। अपने पिता के स्वर्ण जयंती वर्ष पर बनने वाली फिल्म मी रक्सम की शूटिंग को लेकर पूरा मेजवां गांव गुरुवार को लाइट, कैमरा और एक्शन की आवाज से गूंज उठा। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी और उनकी पत्नी अर्चना द्विवेदी ने फिल्म का मुहूर्त कैफी आजमी की प्रतिमा के सामने किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने आजमी फिल्म प्रोडक्शन का लोगो भी लांच किया। मुहूर्त के दौरान फतेह मंजिल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मुहूर्त के बाद शबाना आजमी ने कम्युनिस्ट पार्टी का मशहूर नारा ‘कमाने वाला खाएगा, लूटने वाला जाएगा, नया जमाना आएगा’ लगवाया। इसके बाद दिवंगत शायर कैफी आजमी की मूर्ति के सामने मी रक्सम के मुख्य किरदार दानिश हुसैन और आदिती शर्मा दोनों आते हैं। आदित्या शर्मा कहती हैं कि प्यार का जश्न नई तरह मनाना होगा, गम किसी के दिल में सही गम को मिटाना होगा। पिता और पुत्री के बीच यह कहानी दिल को छूने वाली दिखी। बेटी के जीवन में तमाम तरह के सामाजिक बंधन है। इसके बावजूद बेटी समाज को एक नई दिशा दिखाने का काम करना चाह रही है। 15 से 20 मिनट की इस मुहूर्त शूटिंग के दौरान आजमी परिवार की आंखें नम हो गईं। शबाना आजमी की गुजारिश पर डीएम की पत्नी अर्चना द्विवेदी ने फ़िल्म कैमरे को ऑन किया। 15 से 20 मिनट तक चली मुहूर्त शूटिंग के दौरान इसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। लाइट, कैमरा और एक्शन की आवाज से पूरा मेजवां गांव गूंज उठा। जिलाधिकारी ने कहा कि उर्दू के मशहूर शायर की स्वर्ण जयंती पर मुझे आज मी रक्सम फिल्म का शुभ मुहूर्त करने का जो मौका मिला है, मुझे बेहद खुशी हो रही है। फिल्म के बन जाने से कैफी साहब के जीवन से लोग प्रेरित होंगे। इस मौके पर एसडीएम ललित कुमार, नायब तहसीलदार अखिलेश सोनी, शकील अहमद, जीतेंद्र हरि पांडेय, शिव शंकर सिंह, मुकेश सिंह, गोपाल, अकबर खान, हसरत हुसैन, डा. शबनम आजमी आदि उपस्थित थे।
पिता की इच्छा पर लिया फिल्म निर्माण का निर्णय
मेजवां। शबाना आजमी के भाई सिने फोटोग्राफर बाबा आजमी ने कहा कि अब्बू ने खुद उनसे कहा था कि क्या मेजवां गांव में इस तरह की कोई फिल्म बनाई जा सकती है। अपने पिता शायर कैफी आजमी की ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए गांव में इस फिल्म को शूट किया जा रहा है। यह शूटिंग कैफी आजमी की स्वर्ण जयंती 14 जनवरी से लेकर दो माह तक चलेगी। शबाना आजमी ने कहा कि आजमी परिवार के लिए यह सबसे बड़ी कामयाबी है। जो मेजवां गांव में मी रकस्म बनाने का मौका मिला है। फिल्म पूरी तरह से कामयाब होगी। कैफी साहब आवाम की आवाज थे। इससे पूरे देश दुनियां में आजमगढ़ का नाम होगा, बाबा आजमी इस फिल्म की शुरुआत कर दिए हैं। यह फिल्म समाज को नई दिशा देने का काम करेगी।
इस फिल्म से पूरा होगा कैफी साहब का सपना
मजवां/अंबारी। फिल्म में कैफी आजमी का किरदार निभाने वाले गाजीपुर जनपद के नोनहरा गांव निवासी दानिश हुसैन ने कहा कि ये मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि जहां इतने अच्छे शायर पैदा हुए और मुझे उस गांव में इस फिल्म के मुख्य कलाकार के रोल में काम करने का मौका मिला। आज इस फिल्म की शुरुआत से कैफी साहब का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने कैफी साहब का शेर प्यार का जश्न नई तरह मनाना होगा, गम किसी दिल में सही गम को मिटाना होगा पेश किया। मी रक्सम फिल्म में कैफी आजमी की बेटी का रोल कर रही अदिती शर्मा ने कहा कि मैं आज बेहद खुश हूं कि मेरे ऊपर आजमी परिवार ने भरोसा रखा। मैं इस भरोसे को कभी नहीं तोड़ूंगी। बाबा आजमी की पत्नी तन्वी आजमी ने कहा कि आजमी परिवार द्वारा बनाई जा रही मी रक्सम कामयाब होगी। इसे पूरी दुनिया देखेगी। इस दौरान तनवी आजमी काफी भावुक हो गई और उनकी आंखों से आंसू छलक उठे।
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हाईमास्ट की सतरंगी छटा से नहा उठा मेजवां
मजवां/अंबारी। शूटिंग को देखने के लिए काफी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पहले दिन अदिति के घर किचन, बाथरूम, बेडरूम, उसके रहन सहन और उसके सामने सिलाई की दुकान को केमरे में शूट किया गया। शूटिंग के दौरान हाई मास्क लाइट की सतरंगी छठा के बीच मेजवां गांव जगमगा गया।जिसे देख वहां मौजूद ग्रामीण झूम उठे। बताया जाता है कि इस फ़िल्म में स्थानीय कलाकारों को भी काम करने का मौका मिलेगा।
न्यूटन और सूरमा जैसी फिल्मों में कार्य कर चुके हैं दानिश
मेजवां/अंबारी। फिल्म में कैफी आजमी मुख्य किरदार निभाने वाले दानिश हुसैन मूल रूप से गाजीपुर जिले के नोनहरा पारा गांव के रहने वाले हैं। उन्हें उर्दू भाषा का अच्छा ज्ञान है। वे मुंबई रहकर कई फिल्मों में काम कर चुके हैं। %पिपली लाइव% उनकी पहली फ़िल्म थी। इसके अलावा उन्होंने धोबी घाट, न्यूटन, शूरमा, मंटो, बाजार, मंत्रा आदि फिल्मों में काम किया है। इस फ़िल्म में सास की किरदार फारुख जाफर निभाएंगी। जिन्होंने उमरावजान और स्वदेश आदि फिल्मों में काम किया है।
चिकनकारी सेंटर का भी किया भ्रमण
फूलपुर। फ़िल्म अभिनेत्री शाबाना आजमी मी रक्सम के मुहूर्त के बाद डीएम शिवाकांत द्विवेदी और उनकी पत्नी अर्चना द्विवेदी के साथ कैफी आजमी सिलाई चिकनकारी सेंटर पहुंची। जहां महिलाएं मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा द्वारा की गई डिजाइन पर चिकनकारी को अंतिम रूप दे रही थी। इस कार्य को देखकर डीएम और उनकी पत्नी काफी प्रभावित हुए। उन्होंने शबाना की जमकर तारीफ की। अर्चना द्विवेदी ने कहा कि इस छोटे से गांव में बड़े पैमाने पर हो रहे कार्य का होना मैंने कभी नहीं सोचा था। इससे काफी हद तक महिलाएं आत्मनिर्भर और जागरूक हो रही हैं। फ़िल्म अभिनेत्री शबाना आजमी से स्वच्छता जागरूकता पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि स्वच्छता पर जो शुरुआत की गई है। सबसे बेहतरीन अभियान चलाया जा रहा है। इसमें पूरे हिंदुस्तान को सपोर्ट करना चाहिए जिससे कि प्रदेश के साथ आजमगढ़ जिले का नाम रोशन हो।
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पिता की इच्छा पर लिया फिल्म निर्माण का निर्णय
मेजवां। शबाना आजमी के भाई सिने फोटोग्राफर बाबा आजमी ने कहा कि अब्बू ने खुद उनसे कहा था कि क्या मेजवां गांव में इस तरह की कोई फिल्म बनाई जा सकती है। अपने पिता शायर कैफी आजमी की ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए गांव में इस फिल्म को शूट किया जा रहा है। यह शूटिंग कैफी आजमी की स्वर्ण जयंती 14 जनवरी से लेकर दो माह तक चलेगी। शबाना आजमी ने कहा कि आजमी परिवार के लिए यह सबसे बड़ी कामयाबी है। जो मेजवां गांव में मी रकस्म बनाने का मौका मिला है। फिल्म पूरी तरह से कामयाब होगी। कैफी साहब आवाम की आवाज थे। इससे पूरे देश दुनियां में आजमगढ़ का नाम होगा, बाबा आजमी इस फिल्म की शुरुआत कर दिए हैं। यह फिल्म समाज को नई दिशा देने का काम करेगी।
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इस फिल्म से पूरा होगा कैफी साहब का सपना
मजवां/अंबारी। फिल्म में कैफी आजमी का किरदार निभाने वाले गाजीपुर जनपद के नोनहरा गांव निवासी दानिश हुसैन ने कहा कि ये मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि जहां इतने अच्छे शायर पैदा हुए और मुझे उस गांव में इस फिल्म के मुख्य कलाकार के रोल में काम करने का मौका मिला। आज इस फिल्म की शुरुआत से कैफी साहब का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने कैफी साहब का शेर प्यार का जश्न नई तरह मनाना होगा, गम किसी दिल में सही गम को मिटाना होगा पेश किया। मी रक्सम फिल्म में कैफी आजमी की बेटी का रोल कर रही अदिती शर्मा ने कहा कि मैं आज बेहद खुश हूं कि मेरे ऊपर आजमी परिवार ने भरोसा रखा। मैं इस भरोसे को कभी नहीं तोड़ूंगी। बाबा आजमी की पत्नी तन्वी आजमी ने कहा कि आजमी परिवार द्वारा बनाई जा रही मी रक्सम कामयाब होगी। इसे पूरी दुनिया देखेगी। इस दौरान तनवी आजमी काफी भावुक हो गई और उनकी आंखों से आंसू छलक उठे।
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हाईमास्ट की सतरंगी छटा से नहा उठा मेजवां
मजवां/अंबारी। शूटिंग को देखने के लिए काफी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पहले दिन अदिति के घर किचन, बाथरूम, बेडरूम, उसके रहन सहन और उसके सामने सिलाई की दुकान को केमरे में शूट किया गया। शूटिंग के दौरान हाई मास्क लाइट की सतरंगी छठा के बीच मेजवां गांव जगमगा गया।जिसे देख वहां मौजूद ग्रामीण झूम उठे। बताया जाता है कि इस फ़िल्म में स्थानीय कलाकारों को भी काम करने का मौका मिलेगा।
न्यूटन और सूरमा जैसी फिल्मों में कार्य कर चुके हैं दानिश
मेजवां/अंबारी। फिल्म में कैफी आजमी मुख्य किरदार निभाने वाले दानिश हुसैन मूल रूप से गाजीपुर जिले के नोनहरा पारा गांव के रहने वाले हैं। उन्हें उर्दू भाषा का अच्छा ज्ञान है। वे मुंबई रहकर कई फिल्मों में काम कर चुके हैं। %पिपली लाइव% उनकी पहली फ़िल्म थी। इसके अलावा उन्होंने धोबी घाट, न्यूटन, शूरमा, मंटो, बाजार, मंत्रा आदि फिल्मों में काम किया है। इस फ़िल्म में सास की किरदार फारुख जाफर निभाएंगी। जिन्होंने उमरावजान और स्वदेश आदि फिल्मों में काम किया है।
चिकनकारी सेंटर का भी किया भ्रमण
फूलपुर। फ़िल्म अभिनेत्री शाबाना आजमी मी रक्सम के मुहूर्त के बाद डीएम शिवाकांत द्विवेदी और उनकी पत्नी अर्चना द्विवेदी के साथ कैफी आजमी सिलाई चिकनकारी सेंटर पहुंची। जहां महिलाएं मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा द्वारा की गई डिजाइन पर चिकनकारी को अंतिम रूप दे रही थी। इस कार्य को देखकर डीएम और उनकी पत्नी काफी प्रभावित हुए। उन्होंने शबाना की जमकर तारीफ की। अर्चना द्विवेदी ने कहा कि इस छोटे से गांव में बड़े पैमाने पर हो रहे कार्य का होना मैंने कभी नहीं सोचा था। इससे काफी हद तक महिलाएं आत्मनिर्भर और जागरूक हो रही हैं। फ़िल्म अभिनेत्री शबाना आजमी से स्वच्छता जागरूकता पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि स्वच्छता पर जो शुरुआत की गई है। सबसे बेहतरीन अभियान चलाया जा रहा है। इसमें पूरे हिंदुस्तान को सपोर्ट करना चाहिए जिससे कि प्रदेश के साथ आजमगढ़ जिले का नाम रोशन हो।