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मौसम में बदलाव से किसानों की धड़कनें बढ़ी
Updated Tue, 18 Dec 2018 12:05 AM IST
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सगड़ी। तहसील क्षेत्र में सोमवार को मौसम में आए बदलाव के चलते किसानों की धड़कनें बढ़ गई। किसानों को चिंता सताने लगी कि अगर बारिश हुई तो भारी नुकसान हो सकता है।
तहसील क्षेत्र के मालटारी, बोझिया, जीयनपुर, मोहम्मदपुर, गडेरीपट्टी, पकवाइनार, अंजानशहीद, देवापार, पारी पट्टी, राजू पट्टी, अंडाखोर, नसीरपुर, मधनापार, विजयापार, रामगढ़, बांसगांव, मुइयापार सहित पूरे क्षेत्र में गेहूं की बुवाई का कार्य चल रहा है। गेहूं की बुवाई का समय 15 नवंबर से 15 दिसंबर है। इसके बाद जो बुवाई होती है उसको पिछड़ा समय मानते हैं। इस समय बुवाई का कार्य तेजी से चल रहा है। अगर बारिश हुई तो गेहूं का बीज खेत में सड़कर नष्ट हो जाएगा। किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। गेहूं की बुवाई पिछड़ जाएगी। इसके चलते पैदावार कम होगी। क्षेत्र के किसान भृगुनाथ सिंह, राममिलन सिंह, अशोक, बृजेश, रामदरश सिंह, मुकेश राय आदि ने बताया कि बारिश हुई तो नुकसान होगा।
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तहसील क्षेत्र के मालटारी, बोझिया, जीयनपुर, मोहम्मदपुर, गडेरीपट्टी, पकवाइनार, अंजानशहीद, देवापार, पारी पट्टी, राजू पट्टी, अंडाखोर, नसीरपुर, मधनापार, विजयापार, रामगढ़, बांसगांव, मुइयापार सहित पूरे क्षेत्र में गेहूं की बुवाई का कार्य चल रहा है। गेहूं की बुवाई का समय 15 नवंबर से 15 दिसंबर है। इसके बाद जो बुवाई होती है उसको पिछड़ा समय मानते हैं। इस समय बुवाई का कार्य तेजी से चल रहा है। अगर बारिश हुई तो गेहूं का बीज खेत में सड़कर नष्ट हो जाएगा। किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। गेहूं की बुवाई पिछड़ जाएगी। इसके चलते पैदावार कम होगी। क्षेत्र के किसान भृगुनाथ सिंह, राममिलन सिंह, अशोक, बृजेश, रामदरश सिंह, मुकेश राय आदि ने बताया कि बारिश हुई तो नुकसान होगा।
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