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पुरस्कारों की खुशी तो विदाई के गम के बीच रंग महोत्सव संपन्न
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:17 AM IST
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हुनर संस्थान के तत्वावधान में आयोजित रंग महोत्सव का शनिवार की देर शाम समापन हो गया। पुरस्कार पाने की खुशी तो विदाई के गम के बीच महोत्सव में प्रतिभाग करने विभन्न प्रांतों से आए कलाकारों ने अंतिम दिन भी अपनी आकर्षक प्रस्तुति दी। महोत्सव के अंतिम दिन की शुरूआत एसपी की पत्नी रिचा साहनी ने दीप जलाकर किया। पुरस्कार वितरण पूर्व मंत्री रामाश्रय विश्वकर्मा ने किया।
अंतिम दिन की शुरूआत राक स्टार डांस ग्रुप के आधुनिक नृत्य की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद शीतल राठौर व दिव्य ज्योति वाचले ने युगल नृत्य की प्रस्तुति की। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। देर शाम पुरस्कार वितरण शुरू हुआ। सर्वश्रेष्ठ नाटकों में प्रथम स्थान पर कोरापुट कल्चरल सोसायटी की प्रस्तुति रेमो, द्वितीय पर एनसीआर असम की प्रस्तुति प्रलय व तृतीय पर मां दुर्गा शिक्षा एवं सांस्कृतिक संघ का नाटक डॉटकाम रहा। नाटकों के व्यक्तिगत वर्ग में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार योगेंद्र मोहंती, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता राजगोपाल पाढी, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार चिम्पी डेका को दिया गया। सीएच देवदास सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुने गए। सर्वश्रेष्ठ संगीत और मंच सज्जा का पुरस्कार नाटक रेमो और सर्वश्रेष्ठ प्रकाश व्यवस्था का पुरस्कार पुरस्कार नाटक चित्रपट और हमारी व्यथा को मिला। बाल कलाकरों में मास्टर विक्टर गैनमैन, सर्वश्रेष्ठ रूप सज्जा में चित्रपट पुस्कृत किए गए। रंग जुलूस का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार माधव संगीत विद्यालय उडीसा और कैंप फायर का पुरस्कार दिव्य ज्योति नादब्रहम नागपुर महाराष्ट्र प्रदान किया गया। सभी कलाकारों व दलों को पूर्व मंत्री रामाश्रय विश्वकर्मा, स्वागताध्यक्ष अभिषेक जायसवाल दीनू, आयोजन अध्यक्ष डॉ. पियूष सिंह यादव, मनोज कुमार यादव, हेमंत श्रीवास्तव ने प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह भेट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अनीता साइलेस, सपना बनर्जी, अरविंद सिंह, बीके लाल, सुग्रीव विश्वकर्मा, रंजीत कुमार, पारितोष रूंगटा, मनोज बरनवाल चुनमुन, अरविंद मोदनवाल, सभासद मिथुन निषाद आदि मौजूद रहे। समापन कार्यक्रम का संचालन सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया।
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अंतिम दिन की शुरूआत राक स्टार डांस ग्रुप के आधुनिक नृत्य की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद शीतल राठौर व दिव्य ज्योति वाचले ने युगल नृत्य की प्रस्तुति की। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। देर शाम पुरस्कार वितरण शुरू हुआ। सर्वश्रेष्ठ नाटकों में प्रथम स्थान पर कोरापुट कल्चरल सोसायटी की प्रस्तुति रेमो, द्वितीय पर एनसीआर असम की प्रस्तुति प्रलय व तृतीय पर मां दुर्गा शिक्षा एवं सांस्कृतिक संघ का नाटक डॉटकाम रहा। नाटकों के व्यक्तिगत वर्ग में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार योगेंद्र मोहंती, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता राजगोपाल पाढी, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार चिम्पी डेका को दिया गया। सीएच देवदास सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुने गए। सर्वश्रेष्ठ संगीत और मंच सज्जा का पुरस्कार नाटक रेमो और सर्वश्रेष्ठ प्रकाश व्यवस्था का पुरस्कार पुरस्कार नाटक चित्रपट और हमारी व्यथा को मिला। बाल कलाकरों में मास्टर विक्टर गैनमैन, सर्वश्रेष्ठ रूप सज्जा में चित्रपट पुस्कृत किए गए। रंग जुलूस का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार माधव संगीत विद्यालय उडीसा और कैंप फायर का पुरस्कार दिव्य ज्योति नादब्रहम नागपुर महाराष्ट्र प्रदान किया गया। सभी कलाकारों व दलों को पूर्व मंत्री रामाश्रय विश्वकर्मा, स्वागताध्यक्ष अभिषेक जायसवाल दीनू, आयोजन अध्यक्ष डॉ. पियूष सिंह यादव, मनोज कुमार यादव, हेमंत श्रीवास्तव ने प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह भेट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अनीता साइलेस, सपना बनर्जी, अरविंद सिंह, बीके लाल, सुग्रीव विश्वकर्मा, रंजीत कुमार, पारितोष रूंगटा, मनोज बरनवाल चुनमुन, अरविंद मोदनवाल, सभासद मिथुन निषाद आदि मौजूद रहे। समापन कार्यक्रम का संचालन सुनील दत्त विश्वकर्मा ने किया।
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