{"_id":"6aca9583478dd5e07a0c9904","slug":"15-bighas-of-land-were-swallowed-by-the-river-in-24-hours-due-to-erosion-by-the-saryu-azamgarh-news-c-258-1-rdp1005-158653-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: सरयू की कटान से 24 घंटे में 15 बीघा जमीन नदी में समाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: सरयू की कटान से 24 घंटे में 15 बीघा जमीन नदी में समाई
विज्ञापन
सहबदिया में कृषि योग्य भूमि काटती सरयू। संवाद
सरयू के घटते-बढ़ते जलस्तर से देवारा में जमीन तेजी से कट रही है। सगड़ी तहसील क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में कटान अब भी जारी है। हाजीपुर-गोला पुल के पास नदी तेजी से कृषि भूमि को काट रही है।
लगातार हो रही कटान से किसानों की जमीन नदी में समाती जा रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में करीब 15 बीघा जमीन नदी में कटकर समाहित हो चुकी है।
सहबदिया गांव के किसान परमानंद, प्रमोद, इंद्रावती, जगदीश, रमापति, रामदरश, विनोद पटेल, रामदास, दशरथ, सुभाष, पारस और अमेरिका की जमीन कटान की चपेट में है।
विज्ञापन
वहीं, देवारा खास राजा गांव के रामदयाल, रघुनाथ, प्रदीप, रामकेश, रामनिवास, रामनारायण, रामलखन, राकेश, बुधराम, राधेश्याम, कमला, बल्केश्वर, बिहारी और उमाचरण सहित कई किसानों की कृषि भूमि नदी में समा रही है।
बरामदपुर और सहबदिया गांव के सामने भी कटान जारी है। लगातार जमीन नदी में विलीन होने से किसानों की आजीविका पर संकट मंडराने लगा है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कटान पर अंकुश नहीं लगा, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
खेती की जमीन गंवाने से प्रभावित किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो सकता है। ग्रामीणों ने कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने और नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
-- वर्जन
सरयू की कटान से प्रभावित जमीन का निरीक्षण कराया जाएगा। नियमानुसार जांच के बाद प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। -संजीव कुमार राय, एसडीएम सगड़ी।
--
बदरहुआ पर स्थिर, डिघिया में छह सेमी बढ़ाव
लाटघाट। सरयू के जलस्तर में शनिवार को बदरहुआ नाले पर स्थिरता रही, जबकि डिघिया नाले पर छह सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। शुक्रवार शाम चार बजे बदरहुआ नाले पर जलस्तर 71.22 मीटर था, जो शनिवार को भी 71.22 मीटर पर स्थिर रहा। वहीं, डिघिया नाले पर शुक्रवार को जलस्तर 70.25 मीटर था, जो छह सेंटीमीटर बढ़कर 70.31 मीटर हो गया। डिघिया नाले का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर निर्धारित है। इसी तरह बदरहुआ नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। डिघिया नाले का जलस्तर खतरा बिंदु से नौ सेंटीमीटर नीचे है, जबकि बदरहुआ नाले का जलस्तर खतरा बिंदु से 46 सेंटीमीटर नीचे बना हुआ है। संवाद
विज्ञापन
लगातार हो रही कटान से किसानों की जमीन नदी में समाती जा रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में करीब 15 बीघा जमीन नदी में कटकर समाहित हो चुकी है।
विज्ञापन
सहबदिया गांव के किसान परमानंद, प्रमोद, इंद्रावती, जगदीश, रमापति, रामदरश, विनोद पटेल, रामदास, दशरथ, सुभाष, पारस और अमेरिका की जमीन कटान की चपेट में है।
विज्ञापन
वहीं, देवारा खास राजा गांव के रामदयाल, रघुनाथ, प्रदीप, रामकेश, रामनिवास, रामनारायण, रामलखन, राकेश, बुधराम, राधेश्याम, कमला, बल्केश्वर, बिहारी और उमाचरण सहित कई किसानों की कृषि भूमि नदी में समा रही है।
बरामदपुर और सहबदिया गांव के सामने भी कटान जारी है। लगातार जमीन नदी में विलीन होने से किसानों की आजीविका पर संकट मंडराने लगा है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कटान पर अंकुश नहीं लगा, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
खेती की जमीन गंवाने से प्रभावित किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो सकता है। ग्रामीणों ने कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने और नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
सरयू की कटान से प्रभावित जमीन का निरीक्षण कराया जाएगा। नियमानुसार जांच के बाद प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। -संजीव कुमार राय, एसडीएम सगड़ी।
बदरहुआ पर स्थिर, डिघिया में छह सेमी बढ़ाव
लाटघाट। सरयू के जलस्तर में शनिवार को बदरहुआ नाले पर स्थिरता रही, जबकि डिघिया नाले पर छह सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। शुक्रवार शाम चार बजे बदरहुआ नाले पर जलस्तर 71.22 मीटर था, जो शनिवार को भी 71.22 मीटर पर स्थिर रहा। वहीं, डिघिया नाले पर शुक्रवार को जलस्तर 70.25 मीटर था, जो छह सेंटीमीटर बढ़कर 70.31 मीटर हो गया। डिघिया नाले का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर निर्धारित है। इसी तरह बदरहुआ नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। डिघिया नाले का जलस्तर खतरा बिंदु से नौ सेंटीमीटर नीचे है, जबकि बदरहुआ नाले का जलस्तर खतरा बिंदु से 46 सेंटीमीटर नीचे बना हुआ है। संवाद