फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   कैफी ने शायरी से दुनियां में बनाई पहचान

कैफी ने शायरी से दुनियां में बनाई पहचान

Thu, 10 May 2018 12:12 AM IST
Updated Thu, 10 May 2018 12:12 AM IST
विज्ञापन
कैफी ने शायरी से दुनियां में बनाई पहचान
मेजवा। कोई तो सूद चुकाए कोई तो जिम्मा ले उस इंकलाब का जो आज तक उधार सा है, ये पंक्तियां किसी और कि नही उर्दू के मशहूर शायर और फिल्म गीतकार दिवंगत कैफी आजमी के है। जिन्होने अपनी रचनाओं में आजीवन इंकलाब की वकालत और पूरी दुनियां में अपनी शायरी की बदौलत पहचान बनाई। इसी जज्बे का परिणाम रहा है कि उनके पैतृक गांव मेजवा में वह हर एक सुविधा है जो एक आदर्श गांव में होना चाहिये। भारत की आजादी के बाद जिन लेखको और शायरों ने अपनी लेखनी और कर्म से सांस्कृतिर्क औ सामाजिक आंदोलन खड़ा किया, कैफी आजमी उन चंद लोगों में से थे।
विज्ञापन

कैफी आजमी शायरी के माध्यम से दुनिया मे पहचान बनाई तो अपने जीवन के आखरी बीस वर्षो में अपनी जन्म भूमि मेजवा में रहकर गांव के विकास के लिए संघर्ष करते रहे। जिले के फूलपुर तहसील के पास मेजवा गांव के एक जमीदार परिवार में उनका जन्म14 जनवरी 1919 में हुआ था। उनका निधन 10 मई 2002 में हुआ । कैफी आजमी का बचपन का नाम सैयद अतहर हुसैन रिजवी था। उंन्होने 14 वर्ष की उम्र में पहली गजल लिखी । कैफी बहुत खास शायर थे। वे फिल्मों में गीत जीवन यापन के लिए लिखा करते थे। उन्होने 1943 के आस पास प्रख्यात नाट्य कर्मी शौकत से निकाह किया। वर्ष 1948 शहीद लतीफ की बुजदिल उनकी पहली फिल्म थी। शमा, कागज के फूल, हकीकत, पाकीजा, शोला और शबनम, अर्थ, अनुपमा, हंसते जख्म, मंथन, हीर रांझा, शगुन, हिंदुस्तान की कसम, नौनिहाल, नसीब, तमन्ना, फि र तेरी कहानी याद आयी, सहित कई फिल्मों में उन्होने गीत लिखे। जिले में कैफी साहब की स्मृतियो को याद करते हुए रिफाकत हुसैन और पूर्व प्रधान एखलाक अहमद कहते है कि कैफी साहब जमीदार घराने के होने के बावजूद गरीबो के दुख दर्द की महसूस करते थे। जो बाद में उनकी शायरी का हिस्सा बन गई।
विज्ञापन

0000000000000000
भारद ने सीएमओ को दिया ज्ञापन
आजमगढ़। भारत रक्षा दल के नगर अध्यक्ष मनीष कृष्ण साहिल के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने जिला अस्पताल में एंटीरैबिज इंजेक्शन नहीं दिए जाने को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी को बुधवार को ज्ञापन सौपा। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही कुत्ता काटने वाला इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया तो संगठन धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। प्रतिनिधि मंडल में मंडल अध्यक्ष मोहम्मद अफजल, आलोक शर्मा, प्रवीण कुमार गौंड, दुर्गेश श्रीवास्तव, अरुण सिंह, निशीथ रंजन तिवारी सहित अनेक लोग शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed