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अब तक पूरी नहीं हुई प्रतिबंधित गनर देने की जांच
Updated Tue, 02 Jan 2018 11:57 PM IST
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आजमगढ़। प्रतिबंध के बावजूद पूर्व एसपी कुंतल किशोर द्वारा सपा के एमएलसी राकेश कुमार यादव उर्फ गुड्डू को दी गई एमपी-5 गनरों की जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी। जबकि भाजपा नेता की शिकायत पर पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने एसपी आजमगढ़ को सौेंपी थी। साथ ही जांच जल्द से जल्द पूरी करके उसकी रिपोर्ट मांगी थी।
पूर्व डीजीपी सुलेखान सिंह द्वारा एसपी आजमगढ़ को सौंपी गई जांच रिपोर्ट के मुताबिक सगड़ी तहसील क्षेत्र के भाजपा नेताओं में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की थी। पार्टी के लोगों का आरोप था कि पूर्व एसपी आजमगढ़ कुंतल किशोर ने समाजवादी पार्टी के एमएलसी राकेश कुमार यादव उर्फ गुड्डू को नियमों को ताक पर रखकर प्रतिबंधित गन एमपी -5 की सुरक्षा प्रदान कर दी। जबकि नौ मई 2014 को जारी शासनादेश में एमपी-5 रायफल, एके 47 को प्रतिबंधित करते हुए इसकी सुरक्षा वीवीआईपी को ही देने का प्रावधान है। पार्टी नेताओं से मिली इस शिकायत को सीएम ने पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह को सौंपते हुए जांच और रिपोर्ट के बाद दोषी के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया था। इस जांच के अब तक पूरी न होने से जहां डीजीपी और सीएम के आदेश को दरकिनार किया जा रहा है।
कोट
प्रतिबंधित गनर देने के मामले की जांच सीओ लाइन को सौंपी गई थी। वह अपनी जांच और जिम्मेदार लोगों का बयान दर्ज करते हुए अपनी रिपोर्ट सौंप दिए। सीओ की रिपोर्ट की पुन: जांच के लिए रिपोर्ट एसपी ग्रामीण को सौंपी गई है। - अजय कुमार साहनी, एसपी
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पूर्व डीजीपी सुलेखान सिंह द्वारा एसपी आजमगढ़ को सौंपी गई जांच रिपोर्ट के मुताबिक सगड़ी तहसील क्षेत्र के भाजपा नेताओं में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की थी। पार्टी के लोगों का आरोप था कि पूर्व एसपी आजमगढ़ कुंतल किशोर ने समाजवादी पार्टी के एमएलसी राकेश कुमार यादव उर्फ गुड्डू को नियमों को ताक पर रखकर प्रतिबंधित गन एमपी -5 की सुरक्षा प्रदान कर दी। जबकि नौ मई 2014 को जारी शासनादेश में एमपी-5 रायफल, एके 47 को प्रतिबंधित करते हुए इसकी सुरक्षा वीवीआईपी को ही देने का प्रावधान है। पार्टी नेताओं से मिली इस शिकायत को सीएम ने पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह को सौंपते हुए जांच और रिपोर्ट के बाद दोषी के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया था। इस जांच के अब तक पूरी न होने से जहां डीजीपी और सीएम के आदेश को दरकिनार किया जा रहा है।
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प्रतिबंधित गनर देने के मामले की जांच सीओ लाइन को सौंपी गई थी। वह अपनी जांच और जिम्मेदार लोगों का बयान दर्ज करते हुए अपनी रिपोर्ट सौंप दिए। सीओ की रिपोर्ट की पुन: जांच के लिए रिपोर्ट एसपी ग्रामीण को सौंपी गई है। - अजय कुमार साहनी, एसपी
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