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मामले लंबित होने पर बिफरे कमिश्नर
Updated Wed, 12 Sep 2018 11:52 PM IST
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जनपद में पांच वर्षों से अधिक समय से हजारों लंबित प्रकरणों के निस्तारण न होने पर मंडलायुक्त ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों से लंबित वादों के संबंध में सूचना मांगी थी। सूचना मिलने के बाद उन्होंने समस्त जिलाधिकारियों को जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के साथ ही उन्हें कठोर चेतावनी जारी करने को कहा।
राजस्व परिषद की ओर से पांच वर्ष से अधिक समय से न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण का निर्देश दिया है। इसके लिए राजस्व परिषद की ओर से सभी मंडलायुक्तों को इसकी समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद भी जनपद में लंबित पुराने मामलों में ज्यादा प्रगति देखने को नहीं मिल रही है। मंडलायुक्त के निर्देश पर मंडल के तीनों जनपदों में संचालित न्यायालयों का डाटा जुटाया गया। जिसके अनुसार जुलाई माह तक आजमगढ़ जनपद में 4648 मामले, मऊ में 1546 और बलिया में 8986 मामले लंबित पाए गए। जनपद में अगर विभिन्न कोर्टों में लंबित वादों की स्थिति पर गौर करें तो तहसीलदार निजामाबाद की कोर्ट में सबसे अधिक मामले लंबित हैं। दूसरा नंबर एडीएम वित्त एवं राजस्व कोर्ट का है। जबकि सबसे कम मामले तहसीलदार मार्टीनगंज की कोर्ट में लंबित हैं। दूसरा नंबर तहसीलदार सदर का आता है। यहां तक कि जिलाधिकारी कोर्ट में भी 64 मामले लंबित हैं। पुराने मामलों के निस्तारण में उदासीनता को देखते हुए मंडलायुक्त जगतराज ने तीनों जिलों के डीएम को पत्र जारी कर उत्तरदायी पीठासीन अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेते हुए आख्या प्रस्तुत करने के साथ ही उन्हें कठोर चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया है। इस पर जिलाधिकारी की ओर से प्रत्येक पीठासीन अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है।
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राजस्व परिषद की ओर से पांच वर्ष से अधिक समय से न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण का निर्देश दिया है। इसके लिए राजस्व परिषद की ओर से सभी मंडलायुक्तों को इसकी समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद भी जनपद में लंबित पुराने मामलों में ज्यादा प्रगति देखने को नहीं मिल रही है। मंडलायुक्त के निर्देश पर मंडल के तीनों जनपदों में संचालित न्यायालयों का डाटा जुटाया गया। जिसके अनुसार जुलाई माह तक आजमगढ़ जनपद में 4648 मामले, मऊ में 1546 और बलिया में 8986 मामले लंबित पाए गए। जनपद में अगर विभिन्न कोर्टों में लंबित वादों की स्थिति पर गौर करें तो तहसीलदार निजामाबाद की कोर्ट में सबसे अधिक मामले लंबित हैं। दूसरा नंबर एडीएम वित्त एवं राजस्व कोर्ट का है। जबकि सबसे कम मामले तहसीलदार मार्टीनगंज की कोर्ट में लंबित हैं। दूसरा नंबर तहसीलदार सदर का आता है। यहां तक कि जिलाधिकारी कोर्ट में भी 64 मामले लंबित हैं। पुराने मामलों के निस्तारण में उदासीनता को देखते हुए मंडलायुक्त जगतराज ने तीनों जिलों के डीएम को पत्र जारी कर उत्तरदायी पीठासीन अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेते हुए आख्या प्रस्तुत करने के साथ ही उन्हें कठोर चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया है। इस पर जिलाधिकारी की ओर से प्रत्येक पीठासीन अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है।
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