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जलस्तर घटा, 25 लोग संक्रामत बीमारियों की चपेट में
Updated Mon, 31 Jul 2017 11:26 PM IST
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लाटघाट। घाघरा का पानी घटाव की ओर से हैं, लेकिन पानी घटने के साथ जहां कटान में तेजी आ गई है। वहीं संक्रामक बीमारियों ने भी ग्रामीणों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। लग भग 25 लोग बीमार बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी सोमवार को गांव में दवा का वितरण किया गया।
डिघिया नाले पर घाघरा का लाल निशान 70.40 सेमी और बदरहुवा पर खतरा बिंदु 71.68 सेमी है। रविवार को शाम चार बजे घाघरा नदी बदरहुवा पर 71.27 सेमी और डिघिया पर 70.32 सेमी पर बह रही थी। सोमवार शाम चार बजे बदरहुवा पर 71.17 सेमी और डिघिया पर 70.25 सेमी जलस्तर दर्ज किया गया। नदी बदरहुवा में खतरे के निशान से 51 सेमी और डिघिया में 15 सेमी नीचे बह रही है। जलस्तर लगातार घटने से कटान में भी तेजी आ गई है। कृषि योग्य भूमि नदी में समा रही है। बाढ़ प्रभावित गांव चक्की, देवारा खास राजा, मुराली का पुरवा, त्रिलोकी का पुरवा, झनझनपुर, बांका, बुढ़नपट्टी, शाहडीह, भदौरा में संक्रामक बीमारी ने लोगों को अपने चपेट में लेना शुरू कर दिया है। मुराली के पुरवा और त्रिलोकी का पुरवा में लगभग 25 लोग बीमार बताए गए हैं। दशरथ, रामनिवास, विजय, सुरेंद्र, रामदरश, बहादुर, सुरेंद्र यादव, इंद्रासन सिंह, जय प्रकाश, बृजलाल, कमलेश, सुदामा, मीरा, जितेंद्र, इंद्रेश्वर आदि का इलाज कराया जा रहा है। सभी पिछले चार दिन से बीमार बताए जा रहे हैं। अभी तक झोलाछाप से इलाज कराया जा रहा था। शिकायत के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाजीपुर से डॉ. अनुपम गुप्ता, एनएम पुष्पावती राय, निराला भारती की टीम गांव पहुंची और दवा वितरण किया।
बताया जाता है कि सभी को वायरल फीवर, फोड़ा-फुंसी और फंगल इन्फेक्शन है। इस बारे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया के प्रभारी चिकित्साधिकारी देवानंद यादव से पूछा गया तो उन्होंने जानकारी से इंकार किया। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाजीपुर में एंटी रैबीज और एंटी एनम वैक्सीन उपलब्ध कराने की मांग की है।
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डिघिया नाले पर घाघरा का लाल निशान 70.40 सेमी और बदरहुवा पर खतरा बिंदु 71.68 सेमी है। रविवार को शाम चार बजे घाघरा नदी बदरहुवा पर 71.27 सेमी और डिघिया पर 70.32 सेमी पर बह रही थी। सोमवार शाम चार बजे बदरहुवा पर 71.17 सेमी और डिघिया पर 70.25 सेमी जलस्तर दर्ज किया गया। नदी बदरहुवा में खतरे के निशान से 51 सेमी और डिघिया में 15 सेमी नीचे बह रही है। जलस्तर लगातार घटने से कटान में भी तेजी आ गई है। कृषि योग्य भूमि नदी में समा रही है। बाढ़ प्रभावित गांव चक्की, देवारा खास राजा, मुराली का पुरवा, त्रिलोकी का पुरवा, झनझनपुर, बांका, बुढ़नपट्टी, शाहडीह, भदौरा में संक्रामक बीमारी ने लोगों को अपने चपेट में लेना शुरू कर दिया है। मुराली के पुरवा और त्रिलोकी का पुरवा में लगभग 25 लोग बीमार बताए गए हैं। दशरथ, रामनिवास, विजय, सुरेंद्र, रामदरश, बहादुर, सुरेंद्र यादव, इंद्रासन सिंह, जय प्रकाश, बृजलाल, कमलेश, सुदामा, मीरा, जितेंद्र, इंद्रेश्वर आदि का इलाज कराया जा रहा है। सभी पिछले चार दिन से बीमार बताए जा रहे हैं। अभी तक झोलाछाप से इलाज कराया जा रहा था। शिकायत के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाजीपुर से डॉ. अनुपम गुप्ता, एनएम पुष्पावती राय, निराला भारती की टीम गांव पहुंची और दवा वितरण किया।
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बताया जाता है कि सभी को वायरल फीवर, फोड़ा-फुंसी और फंगल इन्फेक्शन है। इस बारे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया के प्रभारी चिकित्साधिकारी देवानंद यादव से पूछा गया तो उन्होंने जानकारी से इंकार किया। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाजीपुर में एंटी रैबीज और एंटी एनम वैक्सीन उपलब्ध कराने की मांग की है।
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