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रंगकर्मियों ने अपनी कला से दर्शकों को बांधा
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आजमगढ़। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ और जिला प्रशासन आजमगढ़ के सौजन्य से राहुल प्रेक्षागृह सिधारी में चार दिवसीय संभागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ बुधवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेंद्र सिंह ने किया। पहले दिन इमेन्स आर्ट एंड कल्चरल सोसायटी लखनऊ की ओर से तीन कहानियों वापसी, पाजेब और चीफ की दावत का मंचन किया गया।
डॉ. हरी प्रकाश की वापसी में सुब्रत रॉय, निशा तिवारी, इकबाल अहमद रजा व संदीप ने अपने सधे अभिनय से दर्शकों को कायल कर दिया। वहीं जैनेंद्र कुमार की चर्चित कहानी पाजेब में भी सुब्रत, निशा के साथ पंकज कश्यप, कविता, रंजना, अबरार, नेचर भार्गव, संदीप और स्मृति ने प्रभावशाली अभिनय किया। भीष्म साहनी की प्रसिद्ध कहानी चीफ की दावत में वकार अहमद, निशा, विक्रम कत्याल, संदीप, सुब्रत, अबरार, स्मृति, कविता दोहरे, अमन गंगोलिया, नेचर भार्गव ने अपने असरदार अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा। प्रस्तुति की खासियत यह रही कि बिना किसी नाटकीय युक्ति के भी कहानियों ने बिल्कुल नाटक का मजा दिया। कहानियों का मूल तथ्य पीढ़ियों के अंतर, उनके बीच विचार और सोच की धरातल का भेद रहा, जिसे निर्देशन ने बखूबी उकेरा है। संगीत आशीष मौर्या, सेट प्रशांत शर्मा, इकबाल अहमद रजा, प्रोपर्टी व कास्ट्यूम निशा तिवारी व कविता का रहा। सूत्रधार के अध्यक्ष डॉ. सीके त्यागी, संगीत नाटक अकादमी की कार्यक्रम अधिकारी शैलजा कांत, सहायक अखिलेश, नाट्य प्रेमी दर्शक मौजूद रहे। संचालन संयोजक अभिषेक पंडित ने किया। 28 फरवरी को रूपांतरण नाट्य मंच गोरखपुर की प्रस्तुति विमुक्ता का मंचन किया जाएगा।
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डॉ. हरी प्रकाश की वापसी में सुब्रत रॉय, निशा तिवारी, इकबाल अहमद रजा व संदीप ने अपने सधे अभिनय से दर्शकों को कायल कर दिया। वहीं जैनेंद्र कुमार की चर्चित कहानी पाजेब में भी सुब्रत, निशा के साथ पंकज कश्यप, कविता, रंजना, अबरार, नेचर भार्गव, संदीप और स्मृति ने प्रभावशाली अभिनय किया। भीष्म साहनी की प्रसिद्ध कहानी चीफ की दावत में वकार अहमद, निशा, विक्रम कत्याल, संदीप, सुब्रत, अबरार, स्मृति, कविता दोहरे, अमन गंगोलिया, नेचर भार्गव ने अपने असरदार अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा। प्रस्तुति की खासियत यह रही कि बिना किसी नाटकीय युक्ति के भी कहानियों ने बिल्कुल नाटक का मजा दिया। कहानियों का मूल तथ्य पीढ़ियों के अंतर, उनके बीच विचार और सोच की धरातल का भेद रहा, जिसे निर्देशन ने बखूबी उकेरा है। संगीत आशीष मौर्या, सेट प्रशांत शर्मा, इकबाल अहमद रजा, प्रोपर्टी व कास्ट्यूम निशा तिवारी व कविता का रहा। सूत्रधार के अध्यक्ष डॉ. सीके त्यागी, संगीत नाटक अकादमी की कार्यक्रम अधिकारी शैलजा कांत, सहायक अखिलेश, नाट्य प्रेमी दर्शक मौजूद रहे। संचालन संयोजक अभिषेक पंडित ने किया। 28 फरवरी को रूपांतरण नाट्य मंच गोरखपुर की प्रस्तुति विमुक्ता का मंचन किया जाएगा।
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